बिजनौर में शहीदे करबला इमाम हुसैन की चेहल्लुम पर आयोजित मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना निहाल हैदर नौगांवी ने करबला को हर इंसान के लिए नमूना ए अमल बताया।
मोहल्ला बुखारा में आयोजित मजलिस में उन्होंने कहा आज दुनिया में हर तरफ अफरा तफरी मची है। मजहब के नाम पर खून खराबा कर इंसानियत को मिटाने की कोशिश की जा रही हैं। इमाम हुसैन की कुर्बानी का मकसद दुनिया से अन्याय, अत्याचार और दहशतगर्दी को खत्म करना था।
इमाम हुसैन चाहते थे दुनिया का हर इंसान सुकून की जिंदगी गुजार सके। मजलिस की सोज ख्वानी शबी उल हसन और मरसिया ख्वानी मंजर हसन जैदी ने की। इस दौरान इमाम हुसैन की शान में कलाम पेश किए गए। मजलिस के बाद अंजुमन सरकार हुसैनी का जुलूस अलम इमामबाड़ा से बरामद होकर विदुर कुटी रोड पहुंचा।
सोगवारों ने नोहा ख्वानी और सीजा जनी की। इसके बाद जुलूस करबला में समाप्त हुआ। इस दौरान मंजर हसन, कामरान, सलमान, जाफर अब्बास ने नोहा ख्वानी की। हसन जाफर, फिरदौस रजा, तनवीर रजा, मुजाहिद, अफरोज, मोहसिन हसन आदि का योगदान रहा ।