-तहसील प्रशासन ने कॉलोनाइजर और डेवलपर को जारी किया नोटिस
-सदर विधायक के बाद अब शिव सेना ने जताया विरोध, सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बिजनौर शहर में झालू मार्ग पर विकसित की जा रही वृंदावन कॉलोनी का मामला तूल पकड़ रहा है। सदर विधायक इस कॉलोनी को लेकर पहले ही शिकायत कर चुकी हैं। अब शिवसेना भी विरोध में उतर चुकी है। कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन दिया। उधर, तहसील प्रशासन ने कॉलोनाइजर और डेवलपर को नोटिस जारी कर दिया है।
शिवसेना के जिलाध्यक्ष वीर सिंह समेत अन्य तमाम पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन दिया। कहा गया कि काली मंदिर के पास मुस्लिम परिवार की करीब सौ बीघा खेती की जमीन स्थित है। यह परिवार अब मुंबई में रहता है जोकि वृंदावन के नाम पर कॉलोनी काटकर खेती की जमीन में प्लाटिंग, सड़कें और खजूर के पेड़ लगाकर हिन्दू समाज के लोगों को धोखा देकर बेच रहे हैं।
कहा कि गाटा संख्या 466, 467 और 468 में पहले बाग हुआ करता था, जिसे काटकर अवैध कॉलोनी बनाई जा रही है। बाग की जमीन को अकृषि घोषित नहीं किया जा सकता। इसके बाद भी प्रशासन की मिलीभगत से 27 दिसंबर 2023 को उक्त जमीन अकृषि घोषित कर दी गई। मंडलायुक्त ने 14 फरवरी 2024 को मंडलायुक्त ने 27 दिसंबर वाले आदेश को निरस्त कर दिया। मंडलायुक्त के आदेश के बाद भी उस कॉलोनी में 13 लोगों को प्लॉट बेचे गए और बैनामे किए गए। बैनामों में 27 दिसंबर 2023 वाले अकृषि घोषित करने के आदेश का जिक्र किया जा रहा है।
आरोप है कि तथ्यों को छुपाकर फर्जी तरीके से बैनामे किए जा रहे हैं। इससे पहले भी 12 लोगों को बैनामे किए गए थे। पत्र में कॉलोनी में हो रहे निर्माण कार्य को ध्वस्त कराने की मांग उठाई।
नोटिस जारी किए गए
कॉलोनी के मामले में एक दिन पहले सदर विधायक की ओर से शिकायत आई थी। अब कॉलोनाइजर और डेवलपर को नोटिस जारी किए गए हैं। नियमानुसार कार्रवाई चल रही है। - मनोज कुमार, एसडीएम सदर