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वयोवृद्ध शिक्षक पर टूटा गम का पहाड़

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वयोवृद्ध शिक्षक पर टूटा गम का पहाड़
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चांदपुर (बिजनौर)। सड़क हादसे में बेटी, धेवता व पोती की मौत ने सेवानिवृत्त शिक्षक पर जैसे पहाड़ टूट गया हो। परिवार में गम का माहौल बना हुआ है। हादसे में मौत की खबर से गांव में भी शोक व्याप्त है।
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थाना क्षेत्र के गांव स्याऊ निवासी महेंद्र सिंह प्राइमरी स्कूल से वर्ष 2002 में सेवानिवृत्त हुए थे। उनके दो बेटे व दो बेटी थी। एक बेटी मंजू चौहान बिजनौर में रहती थी। दामाद अशोक कुमार पोस्ट ऑफिस बिजनौर में सेवारत हैं। दो बेटे अवनीश कुमार व रजनीश कुमार उनके साथ गांव स्याऊ में ही रहते हैं। कुछ दिनों पहले बेटी मंजू के पैर में चोट लग जाने के कारण उनका इलाज मुजफ्फरनगर निजी चिकित्सक से चल रहा था। कुछ दिनों से पोती शीतल बिजनौर में ही अपनी बुआ के पास रह रही थी। शुक्रवार को बेटी मंजू (51), धेवता अक्षय (25) व बड़े बेटे अवनीश की पुत्री शीतल (27) मुजफ्फरनगर डॉक्टर के चैकअप कराने अपनी कार से जा रहे थे। मीरापुर थाने के गांव शिकरेड़ा में कार व टैंकर की भिड़ंत हो गई। हादसे में बेटी मंजू, धेवता अक्षय, पोती शीतल की मौके पर ही मौत हो गई। शीतल पास के गांव तिगरी में एक प्राइवेट विद्यालय में शिक्षिका थी। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। इस हादसे से शिक्षक महेंद्र सिंह को करीब 80 साल की उम्र में गहरा सदमा लगा है। अक्षय अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था।
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