भागूवाला के कोटावाली नदी रपटे पर जोखिम उठाकर गुजरते वाहन।
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भागूवाला/नजीबाबाद। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने से कोटावाली नदी उफान पर रही। नदी रपटे पर तीन फीट पानी चलने से रातभर वाहनों का आवागमन भी बंद रहा। नदी रपटे के दोनों ओर भारी वाहनों की लंबी कतारें लगी रही।
भागूवाला क्षेत्र की कोटावाली नदी बुधवार रात उफान पर रही। रात 10 बजे कोटावाली नदी रपटे पर करीब तीन फीट पानी चला। नदी रपटे पर पानी आने से पुलिसकर्मियों ने बड़े वाहनों के गुजरने पर रोक लगा दी। भारी वाहनों समेत रोडवेज बसों के यात्रियों ने अपने गंतव्य जाने को घंटों इंतजार किया, जबकि दोपहिया वाहनों की आवाजाही नदी पर बने पुल से होती रही। नदी रपटे पर आठ घंटे आवागमन बंद रहा। भागूवाला चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि नदी रपटे पर जलस्तर सामान्य होने पर बृहस्पतिवार सुबह छह बजे के बाद पुलिसकर्मियों ने वाहनों का आवागमन शुरू कराया। सुबह पांच बजे कई बसें यात्रियों की जान जोखिम में डालकर रपटे के जलस्तर से होकर गुजरी।
कोटावाली नदी से रामपुर चाठा में हुआ कटान
कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ने से बुधवार की रात गांव रामपुर चाठा में कृषि भूमि का कटान हुआ। ग्रामीण शशीनाथ, रूपराम, शाहिद, अय्यूब, अरविंद त्यागी, रामलाल का कहना है कि कोटावाली नदी से गांव रामपुर चाठा के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से हर बार गांव की ओर कटान होता है, किसानों की कई बीघा कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव की सुरक्षा के लिए पक्के तटबंध बनाने की मांग की है।