बिजनौर इंटर कॉलेज में मूल्यांकन का निरीक्षण करते डीएम रमाकांत पांडेय।
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वाहन नहीं मिले, कापी जांचने नहीं पहुंचे परीक्षक
बिजनौर। यूपी बोर्ड की कापी जांचने आने वाले परीक्षक वाहन नहीं मिलने से जगह जगह फंसे रहे। इस कारण दूसरे दिन भी काफी परीक्षक कापी जांचने नहीं आए। माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के शिक्षक बहिष्कार पर रहे। उपनियंत्रकों ने परीक्षकों की कमी पूरी करने के लिए स्थानीय स्तर पर परीक्षकों की नियुक्ति शुरू कर दी है। डीएम रमाकांत पांडेय ने मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण किया है।
बुधवार को मूल्यांकन का दूसरा दिन था। जिला रेडजोन में होने से वाहनों का संचालन बंद है। इसलिए दूसरे दिन घरों से कापी जांचने के लिए निकले परीक्षक वाहनों के इंतजार में जगह जगह फंसे रहे। परीक्षक मूल्यांकन केंद्रों पर नहीं पहुंच सके। इनमें महिला शिक्षकों की संख्या अधिक है। माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के शिक्षकों ने बहिष्कार के चलते कापी नहीं जांचीं। परीक्षकों की कमी का असर मूल्यांकन पर पड़ रहा है। जिले में हाईस्कूल की कापी जांचने के लिए बोर्ड से 955 परीक्षक नियुक्त हैं। पहले चरण में बुलाए गए 506 परीक्षकों में 405 परीक्षक आए हैं।
इंटरमीडिएट की कापी जांचने के लिए नियुक्त 789 परीक्षकों में से 566 परीक्षक बुलाए गए थे। इनमें 348 उपस्थित हुए हैं। उपनियंत्रकों के मुताबिक परीक्षकों की कमी पूरा करने को स्थानीय स्तर पर परीक्षकों की नियुक्ति की जा रही हैं। डीएम रमाकांत पांडेय ने मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण किया है। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि डीएम ने शासन के निर्देशों का पालन करने तथा मूल्यांकन समय से पूरा करने को कहा है। शर्मा गुट के परीक्षकों की बैठक जिला उपाध्यक्ष गयूर आसिफ की अध्यक्षता तथा जिला मंत्री विनोद कुमार के संचालन में हुई। सुधांशु वत्स, अतुल रस्तोगी, चंद्रहास सिंह, ओपी यादव, राजेंद्र सोलंकी, मीना सिंह, आदि ने सरकार पर शिक्षक विरोधी होने का आरोप लगाया है।