जिले में 29 बूथों पर किया गया टीकाकरण
बिजनौर। जनपद में जिला अस्पताल सहित कुल 19 स्थानों के 29 बूथों पर कोरोनारोधी टीकाकरण अभियान चलाकर सरकारी और निजी स्तर के कोरोना योद्धाओं को प्रतिरक्षित किया गया। जिले में 3480 स्वास्थ्य कर्मियों को टीके लगाने का लक्ष्य था, लेकिन 2424 स्वास्थ्य कर्मियों को ही टीके लगाए गए।
जिला मुख्यालय पर जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, हौसला पोषण केंद्र, विवेक कॉलेज में टीकाकरण बूथ बनाए गए। प्रत्येक बूथ पर 125 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य था। आईएमए के अध्यक्ष डा. सुभाष राणा सहित जनपद के तमाम सरकारी और निजी स्तर के कोरोना योद्धाओं को प्रतिरक्षित किया गया। बृहस्पतिवार के लिए कुल 3437 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य था।
शुक्रवार को 1565 स्वास्थ्यकर्मियों और रेवेन्यू के एक हजार फ्रंटलाइन वर्कर को सभी तहसील मुख्यालयों सहित आठ बूथों पर प्रतिरक्षित किया जाएगा।
कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने के लिए केंद्र सरकार की ओर से चलाये जा रहे देशव्यापी अभियान के अंतर्गत पांचवीं बार जिले में अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धा स्वास्थ्यकर्मियों को जनपद में सीरम इंस्टीट्यूट पुणे द्वारा निर्मित कोविशील्ड वैक्सीन की पहली डोज दी गई। अब इन्हें दूसरी खुराक 28 दिन बाद चार मार्च को दी जाएगी। सुबह लगभग 11 बजे सीएमओ विजय कुमार यादव ने तीनों बूथों का निरीक्षण किया। सीएमओ ने कहा कि यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। टीका अवश्य लगवाएं। किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं। आईएमए अध्यक्ष सुभाष राणा, उनकी पत्नी स्वाति राणा, डा. ऋतु चौधरी, डा. अनिल अग्रवाल, डा. निरुपमा चौधरी, डा. रीता त्यागी आदि निजी चिकित्सकों ने भी अपना टीकाकरण कराया।
अफजलगढ़ में सीएचसी पर टीका लगवाते फार्मासिस्ट मनोज कुमार।- फोटो : BIJNOR