पुलिस सूत्रों के अनुसार इसी दौरान जाकिब ने आशू को घूंसे मारे और फिर जाली के सहारे लटकते हुए उसके सीने में जोरदार लात मारी, जिससे वह दूर जाकर गिरा और बेसुध हो गया।
बैरक में मौजूद अन्य बंदियों ने दोनों को छुड़ाने की कोशिश की और जेल वार्डर ने तुरंत आशू को जेल अस्पताल पहुंचाया। हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही जिले के आला अफसर हरकत में आ गए। एडीएम विनय कुमार, एएसपी सिटी संजीव वाजपेयी, सीओ राकेश वशिष्ठ और कोतवाल उदयप्रताप जेल पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने बैरक में मौजूद अन्य बंदियों से घटना के बारे में पूछताछ की और आरोपी बंदी जाकिब से भी बयान लिए।
जेलर रविंद्रनाथ की तहरीर पर शहर कोतवाली में आरोपी जाकिब के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
एएसपी सिटी संजीव वाजपेयी ने बताया कि दोनों बंदियों में आपसी विवाद के बाद मारपीट हुई थी। आशू चौहान की मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।