बिजनौर जिले के भागूवाला में उत्तराखंड वन विकास निगम की नदियों में दो सप्ताह के भीतर रेत-बजरी का खनन शुरू हो जाएगा। उत्तराखंड सीमा से सटे भागूवाला क्षेत्र के ट्रांसपोर्टरों में वाहन खरीदने की होड़ मची है।
उत्तराखंड वन विकास निगम की नदियों में खनन शुरू होने की प्रक्रिया से ट्रांसपोर्टरों एवं मजदूरों में खुुुुशी की लहर है। निगम की नदियों रवासन एवं कोटावाली में खनन कार्य अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में शुरू होने की संभावना है, जिसे लेकर निगम ने सभी तौल कांटों की मरम्मत का कार्य पूर्ण कर लिया है। इस वर्ष से सभी तौल कांटों को ऑनलाइन कर दिया गया है। खनन बंद होने से क्षेत्रीय ट्रांसपोर्टरों ने अपने वाहनों को बेचना शुरू कर दिया था, मगर अब ट्रांसपोर्टर ट्रक एवं डंपर खरीदने में लगे हैं। दर्जनों वाहन खनन कार्य के लिए खरीदे भी जा चुके हैं। भागूवाला क्षेत्र में अधिकांश रोजगार नदियों से खनिज संपदा की निकासी पर निर्भर है। जून 2012 में उत्तराखंड वन विकास निगम की नदियों में खनन कार्य बंद हुआ था। चार वर्ष बाद खनन कार्य शुरू होने के आसार नजर आ रहे हैं।