Bijnor News: गांव औरंगपुर बसंता और रामनगर में दर्जनों लोग बुखार से पीड़ित हैं। पहले लोग स्थानीय डॉक्टर को दिखा रहे हैं। तबीयत में सुधार नहीं होने पर मरीज बिजनौर और नजीबाबाद में इलाज करा रहे हैं।
गांव औरंगपुर बसंता उर्फ काटपुर में बुखार अपने पैर पसार रहा है। एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित एक वर्षीय बच्ची इकरा की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। गांव के अन्य लोग भी बुखार की चपेट में हैं। बच्ची की मौत से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
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गांव औरंगपुर बसंता निवासी शौकीन की एक वर्षीय बेटी इकरा 30 सितंबर से बुखार से पीड़ित थी। परिजनों ने गांव करौली में चिकित्सक से उपचार कराया। तबीयत में सुधार हुआ तो परिजन उसे घर ले आए। बृहस्पतिवार को बच्ची की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने बच्ची को सरायआलम के चिकित्सक को दिखाया। दवाई लेने के बाद घर जाते हुए बच्ची ने रोना बंद कर दिया। परिजनों ने बच्चों को जालपुर में चिकित्सक को दिखाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया।
बुखार पीड़ित घरों पर ही लगवा रहे ड्रिप
गांव औरंगपुर बसंता में करीब 30 लोग बुखार से पीड़ित हैं। चिकित्सक के यहां जगह नहीं मिलने पर पीड़ित घरों पर ड्रिप लगवा रहे हैं। ग्रामीण मगन, उसकी पत्नी राखी, सोनू और उसकी पत्नी रजनी बुखार से पीड़ित हैं। तबीयत ज्यादा खराब होने पर उनका बिजनौर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। गांव निवासी नरदेव बीते दिनों नजीबाबद के निजी अस्पताल में चार दिन भर्ती रहे।
रामनगर में भी पैर पसार रहा बुखार
गांव रामनगर में भी करीब 50 लोग बुखार की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अभी तक गांव में कोई शिविर नहीं लगाया गया। जनप्रतिनिधियों ने बुखार फैलने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी।
नहीं हुआ एंटी लार्वा का छिड़काव, पनप रहे मच्छर
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लंबे समय से कीटनाशक का छिड़काव नहीं हुआ। नजीबाबाद पीएचसी प्रभारी डॉ. अंकित कुमार ने बताया कि बुखार से पीड़ित गांव में शिविर लगाकर उपचार कराया जा रहा है। शनिवार को रामनगर और उसके बाद औरंगपुर बसंता में स्वास्थ्य शिविर लगाएंगे।
ये बोले सीएमओ
बच्ची की मौत पर गांव में टीम भेजी जाएगी। जांच के बाद ही साफ होगा कि बच्ची की मौत किस वजह से हुई है। एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के साथ ही शिविर लगाया जाएगा। - डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर