शावक तो पकड़ा, पर नहीं मिला गुलदार
इसी माह 16 अप्रैल को पास के गांव पखनपुर में गुलदार का एक तीन माह का शावक एक कुएं के भीतर गिर गया था। जिसे वन विभाग की टीम ने कुएं से निकालकर जंगल में छुड़वा दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि शावक के गांव में मिलने के बाद गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया गया होता तो सैदपुरी में युवक की जान नहीं जाती।
अमानगढ़ में बाघ बढ़े तो बाहर आ गए गुलदार
जिले की अमानगढ़ वन रेंज 9500 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में फैली हुई हैं। एक दशक पहले तक यहां पर 12 से 14 के बीच बाघ होते थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 27 से भी ज्यादा होने की अनुमान है। ऐसे में बाघों की संख्या बढ़ी तो गुलदार आबादी के बीच जंगलों में रहने लगे। इनकी संख्या जिले में 150 से भी ज्यादा होने का अनुमान है।
बिजनौर में गुलदार का खौफ।
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जंगल से सटे गांवों में अधिक खतरा
अमानगढ़ और नगीना रेंज से सटे गांवों को इसके लिए संवेदनशील घोषित कर दिया है। इन दोनों रेंज में 42 गांव जंगल सीमा के पास हैं, लेकिन वन विभाग ने 22 गांवों को संवेदनशील माना है। इन गांवों में बाघ और गुलदार की मौजूदगी का खतरा पहले ही सता रहा था। इसलिए यहां पर ग्रामीणों को जागरूक भी किया गया। वर्तमान हालात देखें तो गुलदार के आगे सभी प्रशिक्षण और जागरुकता कम पड़ गई है।
बाघ और गुलदार को लेकर ये गांव संवेदनशील सूची में शामिल
अमानगढ़ से सटे गांव : देवानंदपुर गढ़ी, रेहड़, नवाबाद जंगल, केहरीपुर जंगल, किरतपुर, रानीनांगल, फतेहपुर धारा, कल्लूवाला, लालबाग, मलौनी, मीरापुर उत्तरी।
नगीना रेंज से सटे गांव : भिक्कावाला, बनियोंवाला, इस्लामनगर, मुरलीवाला, जामुनवाला, लड्डूवाला, खैरीखत्ता, जमनपुर, रसूलपुर, रसूलाबाद, प्रेमपुरी।
ग्रामीणों के लिए एडवाइजरी जारी
क्या करें
- खेतों में दा या उससे अधिक के समूह में जाएं
- गन्ना काटने से पहले वन्य जीव भगाने के लिए हाका करें
- खेत में मोबाइल या रेडियो पर तेज आवाज में गाने चलाएं
- काम करते समय एक व्यक्ति को निगरानी के लिए लगाएं
- खेतों में काम करते समय सिर पर हेलमेट या नकपैड पहनें
- अधिक रात में खेतों पर न जाएं, खेतों की निगरानी मचान से करें
- वन्य जीव दिखने पर वन अधिकारियों को तुरंत सूचना दें
यह न करने की दी गई सलाह
- खेतों पर अकेले न जाएं, छोटे बच्चों को अकेले न भेजें
- गन्ने की कटाई बैठकर या झुककर न करें
- खेतों की रखवाली करते समय भूमि या चारपाई पर न सोएं
- वन्य जीव दिखने पर उसे न छेड़े और उसके रास्ते में न आएं