कपड़ा व्यापार को मिल सकती है संजीवनी
शादियों में कपड़ों की भी जमकर खरीदारी होने की उम्मीद है। जिले में कपड़ों की दुकान एक महीने से बंद पड़ी हैं। यहां काम करने वाले लोग भी बेरोजगार बैठे हैं। अगर कोरोना कर्फ्यू में ढील मिलती है तो कपड़ों का कारोबार फिर से पटरी पर आ सकता है।
शादी का सीजन होने की वजह से कारोबार पर छाई मंदी भी खत्म हो सकती है। कपड़ा व्यापारी अभिषेक अग्रवाल के अनुसार दो महीने से कारोबार ठप है। हाथ पर हाथ रखकर बैठे हैं। अब सरकार की ढील की घोषणा पर ही उम्मीद है। सहालग होने की वजह से कारोबार पटरी पर आ सकता है।
सराफा कारोबार को भी है इंतजार
जिले में सोने चांदी के जेवरात की करीब एक हजार दुकान हैं। इसके अलावा ब्यूटी पार्लर, चूड़ी यहां तक कि बर्तनों का भी कारोबार सबसे ज्यादा सहालग पर ही निर्भर रहता है। इस बार कोरोना कर्फ्यू की वजह से अक्षय तृतीया पर भी सोने चांदी की बिक्री नहीं हुई थी।
अब शादी के सीजन में फिर से बिक्री होने की उम्मीद है। सराफा महेश तागरा के अनुसार अब सहालग से ही कुछ व्यापार होने की उम्मीद है। सहालग के बाद दीपावली पर ही कारोबार का मौका मिलेगा। सरकार को शादी से जुड़ी रियायत बढ़ानी चाहिए।