भाषा की मर्यादा को लांघ चोरों की हिमायत में उतरे स्योहारा थानाध्यक्ष धीरज नागर पर कार्रवाई की गाज गिर गई है। थाने की कमान वापस लेते हुए एसपी ने थानाध्यक्ष को पुलिस लाइन भेज दिया है। मीडियाकर्मियों को गालियां देने वाले थानाध्यक्ष के ऑडियो संग चोरी का माल खरीदने के मामले में घिरे आरोपियों को संरक्षण देने के प्रकरण में जांच भी बैठा दी गई है। सीओ जांच कर अपनी रिपोर्ट देंगे।
पांच दिन पूर्व ग्राम सुमालखेड़ी निवासी नासिर अंसारी के बंद मकान से सोने चांदी के कीमती आभूषण व कीमती बर्तन सहित लाखों रुपये की चोरी हुई थी। पुलिस ने नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर गुरुद्वारे के निकट ज्वेलर्स की दुकान से चांदी के आभूषण व मुस्लिम चौधरियान शाही मस्जिद के निकट बर्तन की दुकान से बर्तन बरामद किए थे। थानाध्यक्ष धीरज नागर ने दोनों ही दुकानदारों को थाने लाकर बाद में छोड़ दिया था। सभी सामान चोरों के पास से ही बरामद करने की बात कही थी। दुकानदारों को छोड़ने के सवाल पर थानाध्यक्ष धीरज नागर का कहना था कि चोरी का सामान खरीदना अपराध नहीं है, इसलिए दोनों दुकानदार को छोड़ दिया गया है।
सोमवार को अमर उजाला ने शीर्षक थानाध्यक्ष का बेतुका बयान खबर प्रमुखता से प्रकाशित की, जिस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक बिजनौर ने सुबह ही सीओ को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए थे।
मीडिया कर्मियों को अपशब्द कहने का ऑडियो वायरल
सोमवार दोपहर थानाध्यक्ष धीरज नागर द्वारा मीडिया कर्मियों को धमकाने व जमकर गाली देने का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। एक मिनट सात सेकंड का ये ऑडियो एक दिन पुराना बताया जा रहा है। इस ऑडियो को कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री सहित पुलिस के आला अधिकारियों को भी ट्विटर पर भेज दिया। संज्ञान लेते हुए एसपी बिजनौर अभिषेक झा ने तत्काल प्रभाव से धीरज को लाइनहाजिर करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी है।