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UP: बिजनौर में एम्स बनाने के लिए सीएमओ ने भेजा प्रस्ताव, मंजूर हो गया तो जानें किन जिलों को मिलेगी राहत

Wed, 08 Apr 2026 12:16 AM IST
Mohd Mustakim अमन कुमार शर्मा, बिजनौर

सार

Bijnor News: सीएमओ डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने जिले में एम्स बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव में भौगोलिक स्थिति और भूमि संसाधनों को एम्स बनाने के लिए उपयुक्त बताया है। बिजनौर सहित आसपास के जिलों के लिए भी ये फायदेमंद साबित होगा।
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एम्स का प्रस्ताव भेजा। सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा बढ़ाया जा रहा है। अब सीएमओ की ओर से शासन को बिजनौर में नवीन एम्स बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। एम्स बनने से बिजनौर के साथ-साथ आसपास के जिलों के लोगों को भी स्वास्थ्य सेवाओं का भरपूर फायदा मिलेगा।
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बिजनौर को महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की पहले ही सौगात मिल गई है। यहां पिछले दो सत्रों से एमबीबीएस की पढ़ाई चल रही है। इसी बीच अब सीएमओ बिजनौर डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने शासन और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक को एम्स बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा है। 
 

बता दें कि केंद्रीय बजट 2025-26 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के लिए एक नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्वीकृति प्रदान की गई है। पत्र में कहा गया कि इस संस्थान की स्थापना के लिए बिजनौर की भौगोलिक एवं स्वास्थ्य वस्तुस्थिति बेहद अनुकूल है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग एवं शासन के समन्वय से संस्थान के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता की प्रबल संभावनाएं है। इसलिए, यहां एम्स बनाने पर विचार किया जा सकता है।
 

आसपास के जिलों को भी मिलेगा इसका लाभ
बिजनौर की भौगोलिक स्थिति बहुत बेहतर है। क्योंकि बिजनौर, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड राज्य की सीमा पर स्थित है। इसलिए, यहां एम्स बनने से बिजनौर के साथ-साथ मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर संभल सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों को भी इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा कोटद्वार, हरिद्वार क्षेत्र की बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी।
 

बेहतर सुविधा के अभाव में रेफर होते हैं मरीज
वर्तमान में बिजनौर में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है। इसका अंदाजा से लगा सकते हैं कि गंभीर मरीजों को मेरठ, ऋषिकेश या दिल्ली रेफर करना पड़ता है। इससे मरीज और तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
 

मेडिकल कॉलेज बनने से मरीजों को मिली राहत
जिले में महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना की गई है। यहां 100 एमबीबीएस सीटों पर पढ़ाई हो रही है। मेडिकल कॉलेज बनने से स्वास्थ्य सेवाओं का कुछ विस्तार हुआ है। सर्जरी से लेकर जांच का दायरा भी बढ़ाया गया है। अगर, एम्स बनाने के लिए हरी झंडी मिल जाती है तो यहां के मरीजों के लिए यह संजीवनी साबित होगा।
 

बिजनौर में अभी तक नहीं है सुपर स्पेशलिटी सुविधा
बिजनौर में मेडिकल कॉलेज तो चालू हो गया है लेकिन यहां अभी तक सरकारी अस्पतालों में सुपर स्पेशलिटी विभाग की सुविधा नहीं है। कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट अन्य सुपर स्पेशलिटी सुविधा के लिए मरीजों को दिल्ली ऋषिकेश मेरठ की दौड़ लगानी पड़ती है।
 
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ये बोले सीएमओ
बिजनौर में एम्स बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में एक एम्स बनाने की तैयारी है। बिजनौर में एम्स बनाने के लिए भौगोलिक और संसाधन की स्थिति ठीक है।
- डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर
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