स्लैब पर काम कर रहे छह मजदूर मलबे में दबकर घायल हो गए। गनीमत रही कि कोई मजदूर जानलेवा रूप से नहीं फंसा। तेज धमाके की आवाज सुनकर पास के गांवों से लोग दौड़े-दौड़े मौके पर पहुंचे।
सूचना मिलने पर जिला प्रशासन और निर्माण से जुड़े अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। जांच में निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा उपायों पर सवाल उठे हैं। डीएम ने मामले की जांच लोक निर्माण विभाग को सौंप दी है।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता हेमंत प्रताप ने मौके पर पहुंचकर कंक्रीट और सरिया के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। प्राथमिक जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।
घटना के कुछ ही घंटों बाद निर्माण कंपनी के प्रबंधक को पुलिस ने मेडिकल अस्पताल से हिरासत में लिया। उनसे इस लापरवाही के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
हादसे ने न केवल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता गहरी कर दी है।