बिजनौर-नगीना रोड पर टूटे निर्माणाधीन नाले को दोबारा बनाते श्रमिक।
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पिछले दिनों जिले में एक सड़क नारियल तोड़ने से ही बिखर गई थी, वहीं झालू में भी नाले निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग ने तूल पकड़ा। अब बिजनौर में निर्माणाधीन नाले की दीवार पानी छूटते ही धराशायी हो गई, हालांकि तुरंत इसे दुरुस्त भी करा दिया गया।
बिजनौर नगर पालिका की ओर से नगीना रोड पर आईटीआई के पास 18 लाख रुपये की लागत से 220 मीटर लंबे नाले का निर्माण कराया जा रहा है। अभी करीब 100 मीटर ही नाला बना होगा। आईटीआई के पास से नाला बनकर चक्कर रोड तक जाना है। करीब पांच दिन पहले इसके एक हिस्से का निर्माण किया गया था।
आईटीआई के पास भरा हुआ पानी नाले में छूट गया, जिससे करीब दस मीटर तक नाले की दीवारें धराशायी हो गई। नाला गिरा तो आगे का निर्माण छोड़ मजदूरों को पीछे लगा दिया गया। आनन फानन में नाले की दीवारों को फिर से बनाया गया। ठेकेदार ने बताया कि जिस जगह नाले की दीवार गिरी थी, वहां जेसीबी से गहरा गड्ढा हो गया था। निर्माणाधीन नाले में पानी आया तो मिट्टी नीचे बैठ गई, जिससे नाले की दीवार गिर गई।
नाला अभी बनाया जा रहा है। निर्माणाधीन नाले में ही पानी छोड़ दिया गया था, जिससे कुछ ही दूरी का नाला टूटा, हालांकि उसे सुधार दिया गया है। अभी निर्माण चल रहा है।
- यशवंत, जेई पालिका।