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गृहक्लेश में दो महिलाओं ने दी जान

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गृहक्लेश में दो महिलाओं ने दी जान
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बिजनौर। नगर क्षेत्र में दो महिलाओं ने गृहक्लेश के चलते आत्महत्या कर ली। इनमें एक महिला ने फांसी लगाकर और दूसरी ने जहरीला खाकर जान दी है। दोनों ही महिलाओं के मायके वालों ने ससुराल वालों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव पृथ्वीपुर निवासी सचिन की पत्नी रूपल ने रविवार रात घर में फांसी लगाकर जान दे दी। महिला के गले में उसकी चुंदरी से फंदा लगा था। सचिन की रूपल से छह साल पहले शादी हुई थी। गांव में चर्चा रही कि परिजनों से अनबन के चलते महिला ने यह कदम उठाया है। सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सूचना पर नहटौर थाने के गांव जमालपुर निवासी रूपल के पिता धर्मवीर सिंह परिजनों के साथ पृथ्वीपुर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि सचिन शराब पीकर रूपल के साथ मारपीट करता था। दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने सचिन के खिलाफ शहर कोतवाली में दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। शहर कोतवाल राजेश सोलंकी के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद तस्वीर साफ होगी।
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हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव रेहरा में सोमवार को रेशमा की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। रेशमा पुत्री अमीर हसन गांव दहीरपुर थाना नांगल का निकाह लगभग छ माह पूर्व गांव रेहरा निवासी मुकीम के साथ हुआ था आरोप है कि रेशमा के ससुराल पक्ष के लोग उससे दहेज में पांच लाख रुपये की मांग करते थे। मांग पूरी न करने पर उसके साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी देते थे। जिसके चलते रविवार को परिजनों ने हीमपुर दीपा थाने में ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी। सोमवार को विवाहिता ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। मृतका के पिता अमीर हसन ने रेशमा के पति मुकीम, ससुर इलियास, सलीम, नईम जेठ, वसीम देवर, भूरी ननद, फुरकान ननदोई के खिलाफ दहेज हत्या में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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एक साल में 53 ने की आत्महत्या
जिले के आंकड़ों पर गौर करें तो एक साल में 53 लोगों ने आत्महत्या की है। इनमें से कोरोना काल में लगाए लॉकडाउन में 15 लोगों ने आत्महत्या की है। इसके पीछे का कारण मानसिक तनाव और गृहक्लेश है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राधेश्याम वर्मा के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान लोग घर में खाली रहे हैं। परिजनों से कलह होती रही है। गुस्सा बर्दाश्त न होने पर लोग यह कदम उठा रहे हैं। लोग घरों में अकेले न रहें और किसी विवाद को दिल पर न लें। परिवार के लोग आपस में एक साथ रहें। अगर कहीं विवाद हो जाता है तो उसे हंस कर टाल दें। गुस्से को टालने की आदत बनानी चाहिए। गुस्से में लोग कोई भी बड़ा कदम उठा लेते है। मनोचिकित्सक डॉ. सौरभ गुप्ता के मुताबिक लोग मानसिक तनाव में मौत को गले लगा रहे हैं। लोग खालीं नहीं रहें। कोई भी काम करते रहे। अकेले नहीं रहें। कोई गुस्सा आने पर उसे टाल देें। जान देने जैसी बात दिमाग में न लाएं। अपने तनाव को कम करने के लिए बच्चों के साथ खेलें व टीवी पर मनोरंजन का सहारा लें।
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