फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले के दो हजार स्कूलों में नहीं हैं सफाई कर्मचारी

विज्ञापन
स्वच्छ भारत। - फोटो : ??? ?????
विज्ञापन
जिले के दो हजार स्कूलों में नहीं है सफाई कर्मचारी
विज्ञापन

बिजनौर। जिले की सरकारी पाठशालाओं में स्वच्छता अभियान राम भरोसे है। जिले के दो हजार स्कूल आज भी सफाई कर्मचारी के लिए तरस रहे हैं। इन स्कूलों में साफ-सफाई की जिम्मेदारी स्कूलों के शिक्षकों को ही उठानी पड़ती है। गांव में तैनात सफाई कर्मचारी भी कई-कई दिन के बाद स्कूलों में पहुंचते हैं। पानी पिलाने तक की कोई व्यवस्था नहीं है।
जिले में ढाई हजार सरकारी पाठशालाएं हैं, जिनमें प्राइमरी व उच्च प्राइमरी स्कूल हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार इन स्कूलों में सरकार की ओर से मात्र 450 सफाई कर्मचारी मानदेय पर तैनात हैं। इसके अलावा अन्य स्कूलों में सफाई कर्मचारी नहीं होने से सफाई अभियान भी राम भरोसे हैं। हालांकि ग्राम पंचायतों में पंचायत राज विभाग द्वारा सफाई कर्मचारी तैनात हैं, पर ये कई कर्मचारी कई-कई दिन के बाद स्कूलों में पहुंचते हैं। कई स्कूल ऐसे भी हैं जहां ये कर्मचारी जाते ही नहीं हैं। काफी स्कूल ऐसे भी बताए जाते हैं जिनकी सफाई शिक्षक अपने निजी खर्चे पर कराते हैं।
विज्ञापन

आज भी ये सरकारी पाठशालाएं सफाई कर्मचारी के लिए तरस रही हैं। शिक्षक संगठनों ने कई बार सरकार से स्कूलों में सफाई कर्मचारी व लिपिकों की तैनाती करने की मांग की है, पर आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। कई बार स्कूलों में बच्चों से सफाई कराने पर वीडियो वायरल होने पर संबंधित स्कूल के शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रशांत सिंह, जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिला संयुक्त मंत्री ताजवीर सिंह ने बताया कि सरकार को सरकारी पाठशालाओं की सफाई करने के लिए सफाई कर्मचारियों की तैनाती अविलंब की जानी चाहिए।
विज्ञापन

स्कूलों में पंचायतों के सफाई कर्मचारी करेंगे साफ-सफाई: बीएसए
बीएसए महेश चंद्र के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में ग्राम पंचायतों में तैनात सफाई कर्मचारियों को स्कूलों की साफ-सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी स्कूल में सफाई कर्मचारी कार्य नहीं कर रहे हैं तो इन स्कूलों के शिक्षक इसकी सूचना अपने खंड शिक्षा अधिकारी को देंगे, ताकि कार्रवाई की जाए। जिन स्कूलों में सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता है, शासन को इसकी सूचना भेजी गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें