बिजनौर/नगीना। कलेक्शन और रिकवरी एजेंट बनकर लोगों से जबरन वसूली करने और उनके वाहन छीनने के मामले में पुलिस ने दो और प्राथमिकी दर्ज की हैं। दोनों मामलों में पीड़ितों ने आरोपियों पर बाइक छीनने और रुपये वसूलने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने इस गैंग के चार सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं एक अन्य आरोपी का नाम भी दूसरे मुकदमे में सामने आया है।
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सोलंकी ने बताया कि नगीना देहात थाना क्षेत्र के गांव भोगली निवासी तालिब अहमद ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 15 सितंबर को वह अपनी हीरो स्प्लेंडर बाइक से नगीना आए थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे पार्क के सामने अनुराग सक्सेना, विभू सेठी उर्फ विप्पू, पुष्पेंद्र और आकाश ने उनकी बाइक रोक ली। आरोप है कि बकाया किस्त जमा करने की बात कहते हुए गाली-गलौज की और जबरन बाइक छीनकर ले गए। तालिब के अनुसार 22 सितंबर को धामपुर रोड स्थित राणा एजेंसी कार्यालय में अनुराग सक्सेना ने 30 हजार रुपये में सेटलमेंट की बात कही। इसके एवज में 26 हजार रुपये लेकर एक पर्ची दी और बाइक वापस कर दी।
दूसरे मामले में बढ़ापुर थाना क्षेत्र के गांव इस्लामाबाद निवासी गौरव कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह अरविंद डेयरी में धामपुर और नगीना क्षेत्र के फील्ड ऑफिसर हैं। 10 अक्तूबर को दोपहर करीब दो बजे वह अपनी हीरो स्प्लेंडर बाइक से धामपुर से नगीना आ रहे थे। रामलीला बाग तिराहे पर विभू सेठी, अनुराग सक्सेना, पुष्पेंद्र और रचित ने उनकी बाइक रोक ली।
गौरव ने आरोप लगाया कि रचित ने खुद को हीरो फिनकॉर्प फाइनेंस कंपनी का मैनेजर बताया। उसने बकाया किस्तें जमा करने के लिए धमकाया और बाइक छीन ली। घर पहुंचने पर एक मोबाइल नंबर से फोन आया, जिसमें गूगल-पे पर 5216 रुपये भेजने के बाद बाइक ले जाने को कहा गया।