धामपुर/नींदडू में गांव मिर्जापुर पल्ला में विषाक्त भोजन खाने से एक ही परिवार की दो किशोरियों की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतका आपस में चचेरी तयेरी बहनें थीं। हादसे के बाद से परिवार में मातम पसरा है। पंचनामे के बाद दोनों के शवों को गांव के कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया।
गांव के प्रधान इब्राहिम ने मुताबिक कि गांव के नसीम अहमद की 12 वर्षीय पुत्री भूरी और उनके भाई हनीफ की 14 वर्षीय पुत्री कमर जहां घर में एक साथ रहती थीं। दोनों एक ही साथ खाना खाती और सोती थी। दोनों बहनों में बेहद प्रेम था। बृहस्पतिवार को नसीम अहमद अपने पुत्र मोहम्मद हनीफ के साथ घर से बाहर गया था। देर शाम घर पर खाने में मुर्गा बन रहा था। मुर्गा बनाते समय बर्तन में छिपकली गिर गई और खाने में ही पक गई। मीट में छिपकली गिरकर पकने का किसी को पता नहीं चल सका। घर में नसीम की पत्नी की पहले से ही तबियत खराब थी। बीमार होने के कारण नसीम की पत्नी ने खाना नहीं खाया।
पुत्री कमरजहां व भूरी ने खाना खा लिया।
खाना खाने के कुछ देर बाद दोनों की हालत बिगड़ गई। रात में दोनों को निजी अस्पताल मे दाखिल कराया गया। जहां इलाज के दौरान दोनों की रात में मौत हो गई। चिकित्सकों ने दोनों की मौत का कारण फूड प्वाइजनिंग होना बताया है। दोनों की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। दोनों ही परिवार में हनीफ और नसीम की ये सबसे छोटी पुत्री थी।