बिजनौर में किरतपुर में खेलते समय दो बच्चों के ऊपर हाईटेंशन विद्युत लाइन का टूटकर गिर गया। तार की चपेट में आने से दो बच्ची गंभीर रूप से जख्मी हो गईं, जबकि अन्य बच्चे बाल-बाल गए। वरना हादसे गंभीर हो सकता था। दोनों बालिकाओं को गंभीर हालत में मेरठ रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद गुस्साई महिलाओं ने जाम लगा दिया। एसडीएम वीके श्रीवास्तव ने बालिकाओं के परिजनों को 50-50 हजार रुपये दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद महिलाओं ने जाम खोला।
किरतपुर के मोहल्ला कोटला स्थित इतवार बाजार में कुछ बच्चे खेल रहे थे। इस दौरान बाजार के ऊपर से गुजर रही एचटी लाइन का जर्जर तारकर टूटकर गिर गया। तार की चपेट में मैदान में खेल रही मोहल्ला कोटला निवासी सुरेंद्र सिंह की दस वर्षीय पुत्री अनामिका व शौनाथ सिंह की आठ वर्षीय पुत्री पूजा आ गई। करंट का तार पूजा के पैर में चिपक गया और एक पैर का पंजा कट कर मौके पर ही गिर गया। एक हाथ भी गंभीर रूप से झुलस गया, जबकि दूसरी बालिका अनामिका एक पैर में करंट से छेद हो गया।
शरीर पर कई जगह तार लगने से बालिका गंभीर रूप से झुलस गई। यह देखकर बच्चों में चीख पुकार मच गया। बच्चों की चीख सुनकर मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। किसी ने विद्युत निगम को सूचना देने पर विद्युत सप्लाई बंद की गई। आसपास के लोगों ने दोनों गंभीर जख्मी बालिकाओं को उपचार के लिए पीएचसी ले गए, वहां उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए दोनों बालिकाओं को मेरठ रेफर कर दिया। हादसे के बाद मौके पर एकत्र महिलाओं ने हाईवे पर जाम लगा दिया।
जाम की सूचना पर एसडीएम नजीबाबाद मौके पर पहुंचे तथा उन्होंने परिजनों को समझाया। परिजन बिजली निगम के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे। इसके बाद एसडीएम ने वीके श्रीवास्तव ने परिजनों को 50-50 हजार उपचार के लिए दिलाने की घोषणा की, तब जाकर महिलाओं ने जाम खोला। परिजनों ने एसडीओ विद्युत व जेई के खिलाफ तहरीर दी है।