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दो अभियंताओं पर गिरेगी गाज

Sun, 28 Jan 2018 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर में विकास भवन सभागार में समीक्षा बैठक को संबोधित करते प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में  प्रदेश के ऊर्जा व जिले के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने जिले के अधिकारियों की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा की है। प्रभारी मंत्री को प्रधानमंत्री सड़क योजना तथा सरकारी कार्यदायी एजेंसी पैक पैड का कार्य बेहद खराब मिला है। प्रभारी मंत्री ने दोनों विभागों के अधिशासी अभियंता को बुरी तरह फटकार लगाई है। डीएम से दोनों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं। प्रभारी मंत्री ने गांव में बढ़ रही विद्युत लाइन लॉस को लेकर अधिकारियों को हड़काया है। प्रभारी मंत्री को स्वास्थ्य व शिक्षा समेेत कई विभागों की प्रगति भी संतुष्ट नहीं मिली है। 
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प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को बैठक लेने से पहले जिले के सांसद एवं विधायकों से विकास की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने विकास भवन के सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक के दौरान मंत्री ने सभागार के सभी दरवाजे बंद कराकर हर विभाग के अधिकारी से वन-टू-वन अलग-अलग बिंदुओं पर जानकारी ली। प्रधानमंत्री सड़क योजना के अधिशासी अभियंता का कार्यालय धामपुर में है। जब उनसे प्रभारी मंत्री ने योजना की जानकारी ली तो वे कोई भी जवाब संतुष्टिपूर्ण नहीं दे सके। इस पर प्रभारी मंत्री बिगड़ गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सड़क योजना प्रधानमंत्री की महत्वकांक्षी योजना है। अधिशासी अभियंता योजना के क्रियान्वयन में कतई रुचि नहीं ले रहे हैं। ऐसे अधिकारियों की जिले में कोई आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने डीएम से अधिशासी अभियंता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए तुरंत शासन को पत्र लिखने की हिदायत दी। प्रभारी मंत्री पैकपैड के अभियंता पर जमकर बरसे और कहा कि जिले में कार्यदायी संस्था पैक्सफैड का कार्य बेहद निचले स्तर पर है। इनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखे। प्रभारी मंत्री पर ऊर्जा विभाग की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने सौभाग्य योजना एवं पंडित दीनदयाल ऊजीकरण योजना आदि की विस्तृत रुप से जानकारी ली। उन्होंने समीक्षा में पाया कि गांव में विद्युत लाइन लॉस करीब 33 प्रतिशत है। शहरों में मात्र 15 प्रतिशत है। प्रभारी मंत्री ने बिजली अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि गांवों की विद्युत लाइन लॉस शहरों के बराबर लाई जाए, यदि ऐसा नहीं हुआ तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा। 
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गांवों में कैंप लगाकर पात्रों को दिलाएं योजनाओं का लाभ
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर भी प्रभारी मंत्री खुश नहीं थे। उन्होंने डीएसओ का निर्देश दिए कि गांवों में विशेष कैंप लगाकर लाभार्थियों को योजना का लाभ पहुंचाएं। अधिकारी योजनाओं के क्रियांवयन की एजेंसी है। हर पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिले और विकास धरातल पर दिखाई दे। केवल कागजों में ही सिमट कर न रहे जाए। डीएम से कहा कि डायल 100 में नियुक्त अधिकारी व कर्मचारियों की संयुक्त बैठक ले । उन्हें जनता के साथ अच्छा व्यवहार करने के निर्देश दिए जाएं। स्वास्थ्य विभाग की प्रगति संतोषजनक नहीं बताते हुए प्रभारी मंत्री ने जल्द ही जिला अस्पताल सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, ह्दय रोग विशेषज्ञ व हड्डी रोग विशेषज्ञ की शीर्घ नियुक्ति कराने का भरोसा दिया। डीएम जगतराज ने प्रभारी मंत्री द्वारा दिए निर्देशों को पालन कराने का भरोसा दिया। बैठक में सांसद भारतेंद्र सिंह व डा.यशवंत सिंह, विधायक लोकेंद्र चौहान, आशोक राणा, कमलेश सैनी, सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी, एडीएम मदन सिंह गर्ब्याल मौजूद रहे। 

जिला मुख्यालय को 24 घंटे बिजली देने के निर्देश 
प्रभारी मंत्री ने बिजली अधिकारियों कहा कि उन्हें पता चला है कि जिला मुख्यालय को 24 घंटे बिजली नहीं मिल रही है, जबकि शासन से 24 घंटे बिजली देने के आदेश है। बिजली अधिकारी छोटे मोटे फाल्ट सही करने में भी दिन लगा देते है, ऐसा क्यों हो रहा है। बिजली अधिकारी इसका कोई जवाब नहीं दे सके। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि बिजनौर मुख्यालय को हर हाल में 24 घंटे बिजली देना सुनिश्चित किया जाएगा। 
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