डेलीगेट चुनाव क्षेत्र अवधारण में दो दिन शेष
बिजनौर। गन्ना समिति के चुनाव में डेलीगेट का चुनाव चेयरमैन पद तक पहुंचने की पहली सीढ़ी है। जिले में पिछले चुनाव में तीन हजार से अधिक डेलीगेट थे। डेलीगेट का चुनाव गांव स्तर का होता है। इसलिए एक-एक वोट महत्वपूर्ण है। डेलीगेट क्षेत्र अवधारण शुक्रवार तक होना है। इसलिए दावेदार हर सदस्य की कुंडली खंगालने लगे हैं।
जिले में नौ गन्ना समिति हैं। इनमें प्रथम चरण में डेलीगेट के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला सहकारिता निर्वाचन कार्यालय ने समितियों से दस जुलाई से डेलीगेट अवधारण क्षेत्र की फाइनल सूची मांगी है। इसमें डेलोगेट का निर्वाचन क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं होगा। समितियों में सदस्यों की संख्या बढ़ी है। इसलिए डेलीगेट की संख्या बढ़ेगी। दावेदार अपने निर्वाचन क्षेत्र के एक एक सदस्य पर निगाह रख रहे हैं। वर्ष 2015 के चुनाव में बिजनौर समिति में 486, हल्दौर में 95, चांदपुर में 408, नूरपुर में 353, नजीबाबाद में 675, नगीना में 411, धामपुर में 550 तथा स्योहारा में 284 अर्थात कुल 3452 सदस्य थे। डीसीओ यशपाल सिह ने बताया कि समितियों के बायलाज के अनुसार डेलीगेट बनते हैं। बिजनौर, हल्दौर तथा अफजलगढ गन्ना समितियों के गांवों में 100 गन्ना सप्लायर तक एक डेलीगेट होगा। इससे अधिक सप्लायर पर दो डेलीगेट होंगे। चांदपुर, नूरपुर, नजीबाबाद, नगीना, धामपुर तथा स्योहारा गन्ना समिति में 50 गन्ना सप्लायर पर एक डेलीगेट तथा 50 से अधिक पर दो सदस्य होंगे। उन्होंने बताया कि दूसरा डेलीगेट अनुसूचित जाति या महिला होगी। इसलिए समितियों में सदस्य बढ़ने से डेलीगेट्स की संख्या बढे़गी।