बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) कोर्ट संख्या-6 की न्यायाधीश अलका चौधरी ने वर्ष 2010 में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में अभियुक्त जितेंद्र राठी और अरशद को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर दो-दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत आरोप सिद्ध करने में सफल रहा।
अभियोजन के अनुसार दोनों संगठित गिरोह बनाकर चांदपुर, शिवाला कला और नूरपुर क्षेत्र में लूट जैसी वारदातों के माध्यम से आर्थिक लाभ अर्जित करते थे। मामले में तीसरे अभियुक्त नसीम उर्फ कालू की पत्रावली पहले ही पृथक की जा चुकी थी। न्यायालय ने आदेश दिया कि दोषियों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।