Tubewell closed for saving of ground water
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भूगर्भ जल की बचत के लिए बंद रहेंगे नलकूप
बिजनौर। बरसात में नगर पालिका ने नलकूपों को चार घंटे बंद रखने का निर्णय लिया है। इस बीच ओवरहैड टैंक से सप्लाई की जाएगी। पानी की आपूर्ति भी प्रभावित नहीं होगी और जमीन से चार करोड़ लीटर पानी भी हर रोज कम निकाला जाएगा। पानी की बचत के लिए शासन, प्रशासन द्वारा अनेक अभियान चलाए जा रहे हैं। अमर उजाल भी नागरिकों को जल की बचत करने के लिए प्रेरित कर रहा है। बिजनौर नगर पालिका ने अमर उजाला के अभियान का समर्थन किया है।
बिजनौर नगर पालिका के 24 नलकूप और आठ ओवरहैड टैंक हैं। इनसे नगर पालिका क्षेत्र में पानी की आपूर्ति की जाती है। नलकूपों का संचालन सुबह पांच बजे से रात 11 बजे तक किया जाता है। यानि 18 घंटे नलकूपों का संचालन निर्बाध किया जाता है। एक नलकूप की क्षमता एक मिनट में 1500 से दो हजार लीटर पानी निकालने की है। नगर पालिका दिन में 18 एमएलडी (मिट्रीक लीटर डेली) पानी की सप्लाई करती है। यानि हर घंटे में करीब एक करोड़ लीटर पानी जमीन से निकाला जाता है। पानी की मांग कम होने पर पहले नगर पालिका सर्दियों में ही नलकूपों के संचालन का समय घटाती थी। लेकिन अब पानी बचाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत बिजनौर नगर पालिका बरसात में भी नलकूपों के संचालन का समय कम कर रही है। बरसात में भी पानी की मांग काफी कम हो जाती है। लेकिन नलकूप लगातार चलने से पानी की पाइप लाइन फटने लगती हैं। यह पानी नालियों में बेकार बह जाता है। इसलिए नगर पालिका हर तीन घंटे नलकूप संचालन के बाद एक घंटे नलकूप बंद रखेगी। इस अवधि में भी पानी की आपूर्ति बंद नहीं रहेगी। नलकूप बंद होने पर ओवरहैड टैंकों से पानी की आपूर्ति की जाएगी।
पालिका ने नागरिकों से मांगा सहयोग
पहले नगर पालिका के नलकूप 18 घंटे लगातार चलते थे। लेकिन अब ये हर तीन घंटे बाद एक घंटे बंद रहने के कारण केवल 14 घंटे चलेंगे। चार घंटे नलकूप बंद रहेंगे। इससे हर दिन भूगर्भ जल से करीब चार करोड़ लीटर पानी कम निकाला जाएगा। नगर पालिका के जल कल अभियंता अमित गौतम के अनुसार नगर पालिका का उद्देश्य नागरिकों को जल की आपूर्ति करना और पानी की बचत करना भी है। बरसात में पानी की मांग कम होने पर नलकूपों का संचालन कम करने का निर्णय लिया गया है। नागरिक इसमें सहयोग दें।