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गुस्से में दिया तीन तलाक, अब पछता रहा शौहर

Fri, 31 Mar 2017 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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बिजनौर। रोटी के ऊपर हुए विवाद के बाद एक व्यक्ति ने पत्नी को गुस्से में तीन तलाक दे दिया। गुस्सा उतरा तो वह बहुत पछताया। अब वह पत्नी को घर लाना चाहता है। पत्नी के परिजन और समाज के लोग हलाला की रस्म के बाद ही दोनों का निकाह कराने पर अड़ गए हैं। पति-पत्नी हलाला के लिए तैयार नहीं हैं।
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पिछले दस महीने से यह मामला पंचायतों के बीच उलझा हुआ है। पति किसी भी सूरत में पत्नी को वापस चाहता है। पत्नी से भी बात हो चुकी है और वह मान गई है, पर हलाला की रस्म ने दोनों के बीच दीवार खड़ी कर दी है। परेशान पति अब सुप्रीम कोर्ट के तीन तलाक पर रोक लगाने के इंतजार में है। शहर कोतवाली के गांव गंगदासपुर निवासी नसीम का निकाह 28 साल पहले हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव खारी निवासी इमामुद्दीन की बेटी हाशमी से हुआ था। दोनों के चार बच्चे हैं। वे एक बेटे और बेटी का वह निकाह कर चुके हैं। नसीम के पोते-पोती भी हैं।

नसीम के मुताबिक, दस माह पहले रोटी बनाने को लेकर उसका पत्नी से विवाद हो गया। हाशमी ने बहस की तो उसे गुस्सा आ गया। उसने पत्नी को तीन तलाक दे दिया। हाशमी मायके चली गई। गुस्सा उतरने पर नसीम पत्नी को लाने के लिए ससुराल गांव खारी गया। ससुराल वालों ने हाशमी को उसके साथ नहीं भेजा। गांव में बिरादरी की पंचायत हुई। कई बार पंचायतों का दौर चला, पर मामला नहीं सुलझा। नसीम के मुताबिक, ससुरालवाले पत्नी को बिना निकाह भेजने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने व गांव के अन्य लोगों ने पत्नी का दूसरी जगह निकाह करा तलाक कराने की हलाला की शर्त भी पूरी करने को कहा है।
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नसीम ने बताया कि दो दिन पहले उसकी पत्नी से बात हुई। वह भी नहीं चाहती कि हलाला की रस्म पूरी करे। ससुरालवालों के साथ बिरादरी के लोग उसके व पत्नी के बीच रोड़ा बने हैं। समाज के लोगों के आगे हारा नसीम अब इस इंतजार में है कि सुप्रीम कोर्ट कब तीन तलाक के खिलाफ फैसला देता है। वह अदालती कार्यवाही की भी जानकारी ले रहा है।

धर्म के जानकारों के पास जाएं
जमीयत उलेमा हिंद के जिला सदर कारी अरशद के मुताबिक, ऐसे मामले धर्म के जानकारों के सामने रखने चाहिएं। समाज को भी धर्म के कायदे-कानूनों की पूरी जानकारी नहीं है। इस मामले में धर्म के जानकार ही दोनों पक्षों के कलमबंद बयान लेकर फैसला ले सकते हैं।
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