जाट जागृति एसोसिएशन की ओर से चलाए जा रहे अभियान का दिखा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
नहटौर। जाट जागृति एसोसिएशन की ओर से मृत्यु भोज की प्रथा के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार को ग्राम शादीपुर में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया। 13 फरवरी को स्वर्गवासी हुई विद्यावती देवी पत्नी चौधरी चंद्रपाल सिंह चिकारा के निधन पर आयोजित कार्यक्रम में मृत्यु भोज का आयोजन नहीं किया गया।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने आर्य समाज रीति से हवन-यज्ञ में आहुति देकर तथा दिवंगत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया गया कि भविष्य में न तो स्वयं मृत्यु भोज करेंगे और न ही किसी के यहां मृत्यु भोज में शामिल होकर भोजन ग्रहण करेंगे। इस दौरान संगठन पदाधिकारियों ने समाज से अनावश्यक खर्च और कुरीतियों से दूर रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में अध्यक्ष चौधरी गुनवान सिंह, ब्लॉक प्रमुख नवनिहाल सिंह, डॉ. धर्मपाल सिंह, सुरेश पाल सिंह, लोकेंद्र सिंह डोडवाल, महेंद्र सिंह प्रधान, जितेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह अमीन, विजयपाल सिंह, संजीव प्रधान व स्वामी आनंद आचार्य सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।