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फूलों की खेती की तरफ बढ़ा रुझान

Sun, 24 Jan 2016 12:45 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर में गन्ना बेल्ट के लिए जाना जाने वाला बिजनौर ग्लेडियोलस फूल की खेती से महकने लगा है। जिले के काफी किसान इस फूल की खेती करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। मात्र एक बीघा में छह माह की फूल से किसान को 50 से 80 हजार रुपये का फायदा होता है।
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ग्लेडियोलस फूल सजावट में काम आता है। दिल्ली सहित बड़े शहरों में इसकी काफी डिमांड रहती है। खेत में किसान को इस फूल के बीज (बल्ब) को लाइन में बोया जाता है। दो से तीन महीने बाद इसके पौधे की डंडी पर फूल खिलते हैं। एक पौधे पर एक या दो से तीन डंडी भी बन सकती हैं। हालांकि फूल का बीज काफी महंगा होता है, लेकिन फसल के अंत में पौधे से तीन से चार गुना अधिक तक बीज पाए जा सकते हैं।

जिले में काफी संख्या में किसान इस फूल की खेती कर रहे हैं। गेंदा की खेती में  किसान दिलचस्पी दिखाने लगे हैं।करीब 15 बीघा में ग्लेडियोलस की खेती कर रहे अखिल अग्रवाल के मुताबिक और किसी फसल के मुकाबले ग्लेडियोलस में अधिक मुनाफा है। उनसे काफी किसान फसल की जानकारी करने आते हैं, लेकिन इसकी शुरूआत करने से डर रहे हैं। मुकेश कुमार, दीपक त्यागी ने कहा उन्हें ग्लेडियोलस की खेती में काफी फायदा हुआ है। जिला उद्यान अधिकारी नरपाल सिंह मलिक ने कहा ग्लेडियोलस की खेती अब जिले में किसान कर रहे रहे हैं।
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बाकी फूलों की खेती में किसान दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

12 से 15 हजार बीज लगते हैं
एक बीघा जमीन में किसान 12 से 15 हजार बीज तक लगा सकते हैं। पौधे पर आने वाली फूल की डंडी की कीमत बाजार पर निर्भर करती है, लेकिन कम से कम पांच रुपये में तो एक डंडी आराम से बिक ही जाती है। इससे 60 से 75 हजार रुपये की आमदनी आराम से होती है। किसी डंडी पर दो या तीन डंडी आना किसान को बांछें खिला देता है। इसका बीज भी बहुत महंगा बिकता है।

मुनाफे की खेती
ग्लेडियोलस का बीज अगर किसान जनवरी में बीज लगाता है तो मार्च, अप्रैल और अक्तूबर में बीज लगाता है तो दिसंबर, जनवरी में शादियों के सीजन में फसल के महंगे दाम पाए जा सकते हैं।

 कई रंगों के हैं फूल
फूल की प्रजाति कई रंग लाल, नीला, पीला, सफेद और नारंगी में उपलब्ध है। हर रंग के फूल की बाजार में खूब डिमांड है। दिल्ली अधिक दूर न होने के कारण किसान को बाजार की फिक्र भी नहीं करनी पड़ती।
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