नजीबाबाद के स्टेशन पर दरगाह जाने के लिए ई-रिक्शा करते जायरीन।
जोगीरम्पुरी दरगाह के लिए जायरीनों ने ई-रिक्शाओं से किया महंगा सफर
नजीबाबाद। सालाना मजलिस के पहले दिन जायरीनों को आवागमन के लिए समस्याओं से जूझना पड़ा। रेलवे स्टेशन से दरगाह तक जाने के लिए घंटों तक वाहन उपलब्ध न होने पर जायरीनों को ई-रिक्शाओं से महंगे सफर के लिए विवश होना पड़ा।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के नजीबाबाद डिपो ने स्टेशन से दरगाह से जायरीनों को पहुंचाने के लिए करीब एक दर्जन बसों के प्रतिदिन फेरे करने का आश्वासन दिया था। 22 मई की रात से 23 मई को प्रात: 11 बजे तक रोडवेज बसें उपलब्ध न होने से जायरीन भीषण गर्मी में दरगाह तक पहुंचने के लिए परेशान रहे। इस दौरान जायरीनों को नजीबाबाद से लगभग आठ किलोमीटर का जोखिम भरा सफर ई-रिक्शाओं से करने को विवश होना पड़ा। ई-रिक्शा चालकों ने 200 से 300 रुपये प्रति फेरा जायरीनों से वसूल किया। उधर, एसडीएम कुंवर बहादुर सिंह ने परिवहन निगम को तत्काल रोडवेज बस उपलब्ध कराने को कहा।
विवेक कॉलेज प्रबंधन ने किया सहयोग
जायरीन वेलफेयर सोसायटी जोगीपुरा के अध्यक्ष विसाल मेहदी ने जायरीनों की परेशानी को देखते हुए नजीबाबाद डिपो के अधिकारियों और विवेक कॉलेज बिजनौर से संपर्क किया। कॉलेज की ओर से नजीबाबाद स्टेशन से जोगीरम्पुरी के लिए फ्री बस सेवा प्रात: 11 बजे शुरू की गई। इसी दौरान परिवहन निगम की बसें भी स्टेशन पहुंची। फ्री बस सेवा शुरू होने के बाद परिवहन निगम को देरी का खामियाजा उठाना पड़ा। मात्र दो तीन रोडवेज बसों से ही स्टेशन से जायरीन दरगाह तक पहुंचे।