नजीबाबाद में कोटावाली नदी के रपटे से बहता मालन नदी का उफान।
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कोटावाली नदी में उफान, आवागमन 10 घंटे ठप
भागूवाला/नजीबाबाद। कोटावाली नदी के रपटे पर पानी आने से 10 घंटे तक भारी वाहनों का आवागमन ठप रहा। सेेतु निगम के कर्मचारियों ने रपटे से पानी उतरने के बाद रपटे की जेसीबी से सफाई कराकर वाहनों का आवागमन सुचारु कराया।
मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में करीब एक माह से हो रही वर्षा के कारण क्षेत्र की कोटावाली और मालन नदियों का जलस्तर किसी भी समय बढ़ जाता है। बुधवार को पहाड़ों पर हुई वर्षा से कोटावाली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तड़के तीन बजे पानी का जलस्तर रपटे पर लगभग दो से तीन फीट होने के बाद भागूवाला पुलिस चौकी प्रभारी बलराम यादव ने भारी वाहनों का आवागमन रुकवा दिया। लगभग 10 घंटे बाद दोपहर एक बजे जलस्तर कम होने के बाद सेतु निगम के कर्मचारियों ने रपटे की जेसीबी से सफाई कराकर भारी वाहनों आवागमन सुचारु कराया। रपटे पर कोटावाली नदी का उफान होने के कारण लंबी दूरी के वाहन घंटों रपटे से पानी कम होने की प्रतीक्षा में खड़े रहे।
सीमा पर स्थित पुल से दो वर्ष से नहीं चल रहे भारी वाहन
नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग पर दो वर्ष पूर्व नजीबाबाद(उत्तरप्रदेश) और हरिद्वार(उत्तराखंड) की सीमा को जोड़ने वाले कोटावाली नदी पर बने पुल के पिलर में तकनीकी खराबी आने से काफी समय तक वाहनों का आवागमन बंद रहा था। सेतु निगम और हाइवे अथॉरिटी ने पिलर के घिसने से कोटावाली पुल में आई दरार को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से पुल से भारी वाहनों का रोक कर छोटे वाहनों को गुजराने का निर्णय लिया था। सेतु निगम ने भारी वाहनों के आवागमन लिए पुल के निकट लाखों की लगात से रपटा निर्माण कराया था। रपटे पर जब भी कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ता है। भागूवाला पुलिस को तत्काल आवागमन रुकवाना पड़ता है।