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कार्बेट पार्क में पर्यटकों पर पाबंदी

Mon, 11 Apr 2016 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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बाघिन - फोटो : अमर उजाला
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कालागढ़  में कार्बेट टाइगर रिजर्व में आदमखोर हो चली बाघिन की तलाश में वन विभाग की जबरदस्त कांबिंग जारी है। वन विभाग के प्रमुख वन संरक्षक ने भी मौका मुआयना कर हालात का जायजा लिया। उधर, बाघिन के पता न लगने की स्थिति में पार्क में कमर पट्टा रोड पर पार्क प्रशासन ने पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
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कार्बेट टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क में शनिवार को बाघिन ने एक वनकर्मी चुकुम निवासी हरिराम को अपना निवाला बना लिया था। इस विषय में पार्क के उपनिदेशक डॉ. साकेत बड़ोला ने बताया कि मामला गंभीर है। वन विभाग के प्रमुख वन संरक्षक दिग्विजय सिंह खाती ने मौके का स्वयं मुआयना किया। उनके साथ आनरेरी पार्क वार्डन कुंवर बिरजेंद्र सिंह भी मौजूद थे। इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है कि वह सैडिल बांध वाली बाघिन भी हो सकती है। इस बार उसने आदमी को खाया है। यह मामला काफी गंभीर है। पार्क में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए पार्क की कमरपट्टा रोड को बंद कर दिया गया है। 
यहां पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है, जहां तक उसे आदमखोर घोषित करने की बात है, उसके बारे में प्रमुख वन संरक्षक से ही आदेश मिलेंगे। वह मौका देख चुके हैं। उसकी तलाश जारी है। दूसरी ओर मृतक के परिवार को पांच लाख रुपयों की मदद दी जा रही है, जिसकी पहली किश्त तात्कालिक रूप से वन क्षेत्राधिकारी को उसके घर जाकर देने को कहा गया है।
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दहशत का आलम
रामगंगा बांध व सैडिल बांध पर सिंचाई विभाग के कर्मचारी ड्यूटी करने जाते है। इस तरह के मामले के सामने आने के बाद से कर्मचारियों में भी दहशत का माहौल है। कर्मचारी नेता सुरेश देवांतक, दिलावर सिंह रावत, ललित मोहन आदि का कहना है कि बांध क्षेत्र में सुरक्षा के तमाम प्रबंध होने चाहिए। साथ ही कर्मचारियों को सरकारी बसों से ही ड्यूटी पर भेजा जाए। कई बार मुख्य बांध पर बाघ व बाघिन को देखा गया है। शाम होते ही रामगंगा उद्यान के आगे हाथी आ जाते हैं। 
वन कर्मचारियों की सुरक्षा को भी खतरा
वनों में सुरक्षा में लगे कर्मियों को इस बाघिन की वजह से खतरा पैदा हो गया है। अधिकांश वन कर्मी वनों में जान पर खेलकर पैदल गश्त करते हैं। कई के पास तो हथियार भी नही होते हैं। हालांकि कालागढ़ रेंज में ई सर्विलांस की मदद से भी वनों में निगाह रखी जा रही है। उपनिदेशक डा. साकेत बड़ोला के अनुसार वनों में अलर्ट घोषित है। ऐसे में वनों व वन्यजीवों से दूर रहे। 
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