आज विश्व शाकाहारी दिवस : शाकाहार अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं
बिजनौर। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए शाकाहार सबसे उत्तम जीवनशैली है। इससे शरीर को ऊर्जा तो मिलती ही है, साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। एक अनुमान के अनुसार जिले की आधी से अधिक जनसंख्या शाकाहार का ही पालन कर रही है। कोरोना महामारी के बाद भी बहुत से लोगों की जीवन शैली में बदलाव आया है और उन्होंने शाकाहार को अपनाया है।
भागदौड़ भरे जीवन में खानपान का संतुलन बहुत जरूरी है। आज भी काफी लोग स्वाद के ऊपर सेहत को तरजीह देते हैं। कम खाना, हलका खाना और खाने में सब्जियों का ही प्रयोग करना इनकी जीवनचर्या रहती है। एक अनुमान के अनुसार जिले की करीब आधी जनसंख्या अब भी शाकाहारी है। शाकाहार के अपने ही फायदे हैं। मांसाहार जहां ब्लड प्रेशर बढ़ाता है और शरीर को अनेक बीमारियों का घर बना देता है। वहीं, शाकाहार से शरीर एकदम स्वस्थ रहता है। मांस खाने वालों में कोलस्ट्रोल बढ़ने का बहुत खतरा रहता है। कभी कभी मांस शरीर में जाकर पचने में 36 से 60 घंटे तक का वक्त ले लेता है जबकि शाकाहार में ऐसी कोई समस्या नहीं आती है।
यह हैं शाकाहार के फायदे
शाकाहार से वजन नियंत्रित रहता है और ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा नहीं रहता है। इसमें फाइबर, विटामिन, एंटी ऑक्सीडेंट व अमीनो एसिड भी होते हैं जो कैंसर तक लड़ने में सहायक होते हैं। शाकाहारी लोगों को रोग प्रतिरोधक क्षमता भी ज्यादा रहती है।
चने और सोयाबीन ऊर्जा का भंडार
माना जाता है केवल शाकाहार से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती है, जबकि ऐसा नहीं है। शाकाहार से भी पर्याप्त ऊर्जा मिलती है। ऊर्जा के लिए भोजन के अलावा सोयाबीन दाना, चने आदि का प्रयोग किया जा सकता है। खिलाड़ी इनका सेवन काफी मात्रा में करते हैं।
शाकाहार जीवन के लिए सर्वोत्तम
जिले के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. शिरीश कुमार के अनुसार शाकाहार अपनाना जीवन और स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम है। यह शरीर को निरोगी और मजबूत रखता है। शाकाहार से शरीर को फायदे ही फायदे होते हैं और एक भी नुकसान नहीं होता है।