सिलिंडर बनाने के लिए 48 घंटे में मिलेगा दो करोड़ तक का ऋण
बिजनौर। कोरोना काल में ऑक्सीजन सिलिंडर और बाकी उत्पाद बनाने के लिए उद्यमियों को केवल 48 घंटे में ही दो करोड़ तक का ऋण दिया जाएगा। भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) इसके लिए उद्यमियों को ऋण देगा। एमएसएमई की ओर से ली गई राशि की सालाना ब्याज दर भी केवल साढे़ चार प्रतिशत रहेगी। जिले के उद्यमी भी ऑक्सीजन सिलिंडर प्लांट लगाने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
देशभर में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है। इस लहर में कोरोना ने पिछले साल से कहीं ज्यादा कहर ढा रखा है। जिले में रोज आ रहे कोरोना संक्रमितों की तादाद सैकड़ों में है। इस बार कोरोना मरीजों की सांसें फूला रहा है। अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी तो आ रही है, लेकिन भरने के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं हैं। इसके अलावा ऑक्सीजन मीटर, ऑक्सीजन कंट्रोलर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और बाकी सामान बाजार में ढूंढे नहीं मिल रहा है। अगर कहीं है भी तो जरूरतमंदों से इनकी मनमाफिक कीमत वसूल की जा रही है।
ऐसे समय में सरकार इन सब उत्पादों से जुड़े उद्योग लगाने को प्रोत्साहन दे रही है। जिले में तीन उद्यमियों ने ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए आवेदन किया है। अब सरकार ने ऑक्सीजन सिलिंडर व बाकी उपकरणों से जुड़े उद्योगों को लगाने के लिए भी ऋण देने की घोषणा की है। माइक्रो लघु मध्यम उद्योग लगाने के लिए अब प्रदेश सरकार ने ऋण देने की घोषणा की है। भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक इसके लिए केवल साढ़े चार प्रतिशत विकास दर पर ऋण देगा। बैंक ने अपने बयान में कहा है कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जरूरी ऑक्सीजन सिलिंडर, ऑक्सीजन मीटर, ऑक्सीजन कंट्रोलर व अन्य सामान निर्माण कराने व उनकी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इनसे जुड़े उद्योग लगाने के लिए केवल 48 घंटों में ही दो करोड़ तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
उद्यमी करें लड़ाई में मदद
उद्यमी मनी खन्ना के अनुसार कोरोना के खिलाफ लड़ाई में उद्यमियों का महत्वपूर्ण योगदान है। जो भी इस महामारी को हराने में पहल करेगा उसकी मदद की जा रही है। उद्यमी योजनाओं का लाभ लेकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मदद करें।