बिजनौर में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि लड़की की शादी अपने ही गांव में नहीं होनी चाहिए। गांव में लड़के-लड़कियों के बीच भाई-बहन का रिश्ता होना चाहिए। इन रिश्तों के आधार पर ही पेद्दा जैसी घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि हथियार उठेंगे तो नुकसान होगा ही।
मुजफ्फरनगर में इसका नुकसान अभी तक उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पेद्दा की घटना में 2017 का चुनाव देख रहे हैं।
मंगलवार को गांव गढ़ी में पत्रकार वार्ता में राकेश टिकैत ने कहा कि पेद्दा की घटना भी मुजफ्फरनगर जैसी है, लेकिन यहां गोलियां दो घरों से चली हैं। सभी नामजद 29 आरोपियों ने गोली तो नहीं चलाई, लेकिन पुलिस ने सभी को 302 में नामजद कर दिया है। अंडर प्रेशर में इतने लोगों को नामजद किया गया है। भाकियू अत्याचार के खिलाफ है
उन्होंने कहा कि भाकियू की पांच सदस्यीय कमेटी इस बात की जांच करेगी की दोष किसका था। आज भी कुछ समाज में लड़कियों की शादी गांवों में ही हो रही है। इससे एक-दूसरे को भाई-बहन मानने वाली मानसिकता खत्म हो रही है।
उन्होंने कहा कि हत्या की सजा देने के लिए देश में कानून है। किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। पेद्दा कांड में नाबालिगों के खिलाफ कार्रवाई को सहन नहीं किया जाएगा। इस दौरान भारतीय किसान दल के जिलाध्यक्ष अतुल कुमार, बिजेंद्र सिंह, बृजपाल सिंह चेयरमैन, मनोज कुमार, राजेंद्र, शैलेंद्र, अमित आदि मौजूद रहे।