शिवाला कलां के गांव भैंसा में कुत्तों के हमले में मरने वाली बच्ची हिमानी का फाइल फोटो।
बिजनौर। आराजी भैंसा गांव में मंगलवार को हिमानी (3) को कुत्तों के झुंड ने नोंच-नोंच कर मार डाला। बुधवार की सुबह बालिका का शव गेहूं के खेत में पड़ा मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मंगलवार की सुबह हिमानी पुत्री अजय सैनी को दादा राजपाल और चाचा आकाश अपने संग खेत पर ले गए। राजपाल और आकाश खेत में मजदूरी पर गन्ने की छिलाई करने लगे जबकि हिमानी खेत में ही अन्य बच्चों के साथ इधर उधर खेलने लगी। दोपहर के वक्त हिमानी गायब हो गई। दादा-चाचा और अन्य गांव वालों ने हिमानी को आस पास के खेतों और गांव में तलाश किया। हिमानी का कहीं पता नहीं चलने पर मंगलवार की शाम थाना शिवालकलां में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। रात में पुलिस ने भी गांव पहुंचकर खोजबीन की।
बुधवार की सुबह गेहूं के एक खेत में हिमानी का शव औंधे मुंह पड़ा मिला। बालिका के जूते, कपड़े और शॉल खेत में काफी दूर दूर पड़े मिले। चाचा आकाश ने कुत्तों के हमले में मौत होने की बात कही। शव पर कई जगह जगह गहरे गहरे नोंचने के निशान मिले हैं। बालिका के चेहरे, पीछे गर्दन और पैरों पर भी नोंचने के गहरे घाव बने हुए थे। मौके के हालात देखकर लग रहा था कि बालिका को कुत्तों के झुंड ने खूब खसीटा भी है।
अब दादा-चाचा के साथ रहती थी हिमानी
बताया गया कि अजय सैनी की पत्नी ढाई साल पहले झगड़कर मायके चली गई थी। उस वक्त हिमानी छह माह की थी, हिमानी को भी उसकी मां ने पिता के पास छोड़ दिया था। इसके बाद से हिमानी का उसके दादा दादी ने पालन किया है। अब पिछले छह माह से भी अजय सैनी घर नहीं आया है। अजय सैनी को शराब पीने की आदत थी। पुलिस का कहना है कि बालिका का पिता अजय पानीपत में रहता है।
वर्जन::
शरीर में कई जगहों पर मांस निकला हुआ है। कुत्तों के झुंड ने ही बच्ची को नोंच कर मारा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत वजह पूरी तरह साफ हो जाएगी। घटनास्थल के आस पास करीब तीन सौ तालाब है, इनमें मछली पालन होता है। तालाबों की वजह से ही कुत्तों के झुंड रहते हैं। ....देश दीपक, सीओ चांदपुर