बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक राम अवतार यादव ने संजय का अपहरण कर हत्या का दोषी पाते हुए इरफान, इसरार व अनीस को आजीवन कारावास एवं 47-47 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाइ है। अर्थदंड की राशि में से आधी राशि मृतक संजय की पत्नी को दी जाएगी।
किरतपुर निवासी अंकित अग्रवाल ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया था कि उसका भाई संजय अग्रवाल अपनी टाटा गाड़ी लेकर 15 अक्तूबर 2012 की शाम सात बजे किरतपुर से घरेलू सामान लाने की बात कह कर ज्वालापुर के लिए गया था। रात्रि करीब 9:30 बजे उसकी पत्नी ने उसे फोन किया तो उसने बताया कि चिड़ियापुर में चाय पी रहा हूं। उसके बाद फोन पर संपर्क नहीं हो पाया। 19 अक्तूबर 2012 को हरिद्वार के थाना मंगलौर की लाडोरा चौकी से उसे बताया गया कि टाटा गाड़ी रेलवे स्टेशन के पास लावारिस हालत में मिली है। उसने भाई को तलाश किया, मगर नहीं मिला।
इसके बाद अंकित ने दूसरी तहरीर दी कि भाई को जब तलाश कर रहा था तो भाई के परिचित कुछ लोगों बताया कि उन्होंने 15 अक्तूबर 2012 को भनेड़ा बस अड्डे पर पर इरफान, इसरार एवं अनीस को संजय की गाड़ी में बैठा देखा है। विवेचना में यह बात आई कि इरफान, इसरार और अनीस ने संजय का अपहरण किया था।
हरिद्वार-रुड़की मार्ग पर उन्होंने संजय की हत्या कर दी। शव को सोनाली नदी में फेंक दिया। जिसे रुड़की पुलिस ने बरामद किया। इस हत्याकांड अनीस की पत्नी नसीमा भी शामिल थी। हत्याकांड में प्रयुक्त छुरी व टाटा गाड़ी भी पुलिस ने बरामद की थी। कोर्ट ने इस मामले में इरफान निवासी मंगलौर (हरिद्वार) इसरार निवासी मसनपुर, अनीस निवासी भनेड़ा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अनीश की पत्नी नसीमा को पर्याप्त सबूत न होने के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
- मिनी ट्रक चलाता था संजय, इरफान ने कराया था बुक
वर्ष 2012 में यह घटना उत्तराखंड के हरिद्वार-रुड़की और बिजनौर दोनों ही जगह चर्चित हुई थी। संजय अग्रवाल मिनी ट्रक चलता था। उसके साथ पूर्व में इरफान भी ट्रक चला चुका था। इरफान, नसीमा उसके पूर्व पति अनीस निवासी कस्बा भनेड़ा बिजनौर और इसरार निवासी बसेड़ा बिजनौर ने ट्रक लूटने की योजना बनाई थी। उस समय पुलिस ने खुलासा किया था कि इरफान ने मंगलौर से सामान लाने के बहाने उसका ट्रक बुक कराया था। रास्ते में उसे शराब पिलाई और फिर उसकी हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया। शुरुआत में परिजनों ने संजय की गुमशुदगी ही दर्ज कराई थी। बाद में सोनाली नदी में शव मिलने के बाद हत्या की पुष्टि हुई थी। वहीं संजय अग्रवाल का शव मिलने के एक दिन बाद लंढौरा क्षेत्र में मिनी ट्रक लावारिस हालत में खड़ा हुआ मिल गया था।