बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट श्रेय शुक्ला ने अनिल की हत्या में राजू उर्फ राजवीर, कल्याण और अनुज उर्फ गोलू को दोषी पाया है। इन तीनों अभियुक्तों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही बीस बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद शर्मा ने बताया कि थाना नगीना देहात में गांव रजपुरा निवासी सुनील ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि 26 जून 2020 को उसका बड़ा भाई अनिल कुमार मोबाइल पर एक कॉल आने के बाद बाइक पर सवार होकर बुंदकी चीनी मिल की ओर चला गया। कुछ देर के बाद ही अनिल कुमार को फोन बंद हो गया। फोन बंद होने के बाद अनिल कुमार की तलाश की गई लेकिन कहीं कोई पता नहीं चला। शाम को अनिल कुमार का शव गांव के ही एक व्यक्ति के बाजरे के खेत में पड़ा मिला। परिवार के लोग एकत्र होकर बाजरे के खेत में पहुंचे तो किसी धारदार हथियार से गला काटकर अनिल की हत्या की गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
केस दर्ज करने के बाद पुलिस की पड़ताल में कल्याण पुत्र यादराम, अनुज उर्फ गोलू पुपत्र घासीराम और राजू उर्फ राजवीर पुत्र सर्वेश निवासीगण मेदपुरा सुल्तान के नाम प्रकाश में आए। उस वक्त पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना करने के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। अब अदालत ने तीनों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।