बिजनौर। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम अवतार यादव ने जानलेवा हमले में दोषी पाते हुए रोहित उसके भाई जावेद व माता शमीम बेगम को 10-10 वर्ष के कारावास एवं 32-32 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।
बिजनौर निवासी अतुल कुमार शर्मा ने थाना कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा कि उसने नूर फातिमा निवासी शंभा बाजार पठानों वाली गली से एक मकान 30 जून 2004 को बजरिया बैनामा खरीदा था। तब से उस मकान पर काबिज चल रहा था, 24 मार्च 2015 को लगभग सुबह 11:30 बजे वह अपने मजदूर उस्मान के साथ घर की सफाई कर रहा था।
घर में जबरन रोहित, उसका भाई जावेद व उसकी माता शमीम बेगम तीन अन्य लोगों के साथ घुस आए। रोहित के हाथ में तबल, जावेद और शमीम बेगम के हाथ में लाठियां और चाकू थे। शमीम बेगम ने उन लोगों से अतुल को जान से मारने को कहा रोहित ने उस पर तबल से बार किया। उसने अपना बचाव किया मजदूर उस्मान उसे बचाने आया तो रोहित ने उस पर भी तबल से बार किया। जो उस्मान के सिर पर लगा बाकी लोगों ने उसे व उस्मान को लाठी डंडों से मारपीट की।
उस्मान की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल में भेजा गया। अतुल एवं उस्मान का मेडिकल परीक्षण हुआ। उस्मान के सिर पर कट का घाव व कंधे में फ्रैक्चर भी पाया गया। अदालत ने इस मामले में रोहित, जावेद, शमीम बेगम को अतुल के घर में घुसकर उस्मान पर जानलेवा हमले का दोषी पाते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई है।