बिजनौर में डीएम ने सूचना के बावजूद बैठक में न आने पर अधिशासी अधिकारी नगर पालिका नगीना, स्योहारा और धामपुर का एक-एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जिला बिजनौर को 30 जून तक पूर्ण गुणवत्ता के साथ खुले में शौच मुक्त करना सुनिश्चित करें। ग्राम पंचायतों द्वारा बनाए गए शौचालयों की शत प्रतिशत अपलोडिंग कार्य भी पूरा कराएं ताकि शासन को वास्तविक भौतिक प्रगति से अवगत कराया जा सके।
डीएम जगतराज त्रिपाठी आज पूर्वाह्न कलक्ट्रेट सभागार में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिला स्वच्छ भारत मैनेजमेंट कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रहे उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित विभाग के अधिकारी शौचालय निर्माण के साथ-साथ जन सामान्य में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और संवेदना जागृत करने का प्रयास करें । डीएम को बताया गया कि जिलेे की कुल 1128 ग्राम पंचायतों में से वर्तमान तक 621 ग्राम पंचायतें ओडीएफ हो चुकी हैं बाकी की 507 पंचायतों को सभी बीडीओ और एडीओ द्वारा 30 जून,17 तक ओडीएफ करने का संकल्प लिया गया है।
निर्मित शौचालयों की फोटो अपलोडिंग कार्य की प्रगति बहुत धीमी पाए जाने पर उन्होंने निर्देश दिए हैं कि कार्य में अपेक्षित तेजी लाई जाए ताकि शासन को जिले की वास्तविक भौतिक प्रगति का आभास हो सके। समीक्षा के दौरान संज्ञान में आया कि कुल 1128 ग्राम पंचायतों में बेसलाइन सर्वे के अनुसार शौचालय विहीन परिवारों की संख्या 261155 है। इसके विपरीत 155212 शौचालय निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
2017-18 में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत वित्तीय भौतिक प्रगति की समीक्षा करते हुए पाया गया कि केंद्रांश एवं राज्यांश के रूप में प्रचार-प्रसार मद में 66.06 लाख, प्रचार-प्रसार मद (एचआरडी) में 42.86, प्रशासनिक व्यय मद में 69.53, शौचालय निर्माण मद में 9788.95 तथा सालिड एंड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट मद में 38 लाख रुपये कुल 10038.40 लाख रुपये की धनराशि सभी मदों में व्यय हुई है। सीडीओ त्रिपाठी, मदन सिंह गर्ब्याल, सुखवीर सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए हीरालाल, जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष अन्य अधिकारी मौजूद थे।