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कासमपुरगढ़ी में चिकनगुनिया का कहर, तीन की मौत

Wed, 12 Oct 2016 04:46 PM IST
अमर उजाला/ब्यूरो
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बिजनौर जिले के कासमपुरगढ़ी में चिकनगुनिया बुखार का कहर बढ़ता ही जा रहा है। जानलेवा बुखार की चपेट में आकर तीन लोगों की मौत हो गई। 
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मंगलवार को कासमपुरगढ़ी में फैजान (17) पुत्र शफीक अहमद की बुखार के चलते  मौत हो गई। वह एक सप्ताह से बुखार आने से बीमार चल रहा था। सरकारी अस्पतालों के उपचार से हालत में सुधार न होने पर परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उधर, कासमपुरगढ़ी निवासी मयंक (10) पुत्र भीम सिंह की भी बुखार के कारण ही निजी अस्पताल में उपचार के चलते मौत हो गई। मयंक कक्षा चार में पढ़ता था। बच्चे की मौत से मां का रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि दोनों ही मरीजों में चिकनगुनिया बुखार के लक्षण थे। 
बुखार के प्रकोप के बारे में पीएचसी प्रभारी डा. रजनीश का कहना है कि बुखार के कारण ब्लड प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। इससे शरीर में कमजोरी आ जाती हैं। बुखार में यह कारण सबसे घातक साबित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों को हरसंभव चिकित्सा दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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उधर, कासमपुरगढ़ी के ग्राम सीरवासुचंद में प्रमोद वाल्मीकि की पत्नी रीता 22 वर्ष को चार दिन पूर्व से बुखार आया था। 
 रीता का इलाज काशीपुर के निजी अस्पताल में चल रहा था। हालत बिगड़ने पर उसे  दिल्ली रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।  ग्रामीणों ने कहा कि कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिकायत करने के बाद भी कोई भी सुधार नहीं किया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों के डाक्टर इस मौत के बुखार को सामान्य बुखार बता उपचार कर रहे है। 
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