बिजनौर। सरकारी अस्पताल में हेपेटाइटिस की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो ही दवाई मिलेगी। लेकिन यह नया मामला सामने आया है, जहां मरीज को दो सीएचसी और एक निजी लैब पर हुई जांच में हेपेटाइटिस सी होने की पुष्टि हुई। जबकि, जिला अस्पताल में मरीज की रिपोर्ट निगेटिव आई।
दो सरकारी अस्पतालों में रिपोर्ट पॉजिटिव होने के बाद भी मरीज को दवाई नहीं मिली।
हल्दौर निवासी महिला मुनेश कुमारी ने 24 अप्रैैल को निजी लैब पैथकाइंड पर हेपेटाइटिस की जांच कराई। जांच में हेपेटाइटिस की पुष्टि हुई। इलाज महंगा होने की वजह से महिला ने नौ मई को जिला संयुक्त अस्पताल में जांच कराई, यहां रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद 12 मई को सीएचसी हल्दौर में हेपेटाइटिस सी की जांच कराई तो वहां भी रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। जबकि, 13 मई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नहटौर में भी जांच कराई गई, यहां भी हेपेटाइटिस सी होने की पुष्टि हुई। इसके बावजूद भी महिला को इलाज नहीं मिल रहा है।
जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस सी की पुष्टि नहीं होने का हवाला दिया जा रहा है। इसकी शिकायत अभि गुप्ता ने डीएम और एसडीएम से भी की। अभि गुप्ता का कहना है कि यह महिला उनके घर काम करती है और आर्थिक रूप से कमजोर है। तीन पैथोलॉजी लैब में हेपेटाइटिस सी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी जिला अस्पताल ने इलाज किए बिना लौटा दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि सीएमओ से भी इस मामले में बात की गई, लेकिन उन्होंने भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है।