- क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग से गुलदारों को पकड़वाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। क्षेत्र में लगातार गुलदार के हमलों से परेशान हो रहे ग्रामीणों को कुछ राहत देते हुए वन विभाग की टीम ने किरतपुर, फतेहपुर व काजीवाला से तीन गुलदारों को पकड़कर अमानगढ़ के जंगल में छुड़वा दिया। ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र के गांवों में अब भी 20 से ज्यादा गुलदार मौजूद हैं, जो कभी भी लोगों पर हमला कर सकते हैं।
गांव किरतपुर में एक किशोरी की मौत के बाद वन विभाग की टीम ने गुलदार को पकड़ने में कामयाबी हासिल कर ली थी, लेकिन उसके बाद फतेहपुर में एक बुजुर्ग महिला पर जानलेवा हमला करने वाले गुलदार को भी पकड़ लिया गया। 18 मार्च को काजीवाला में गुलदार के हमले में एक महिला की हुई मौत ने वन विभाग के कर्मचारियों की नींद उड़ा दी। हालांकि दो दिन के भीतर ही इस गुलदार को भी पकड़ लिया गया।
क्षेत्र के गांव बूढ़ावाला में एक बालिका के हमलावर गुलदार को पकड़ने में अभी तक वन विभाग को सफलता हासिल नहीं हुई है। हालांकि इस गांव में कई दिन पूर्व ही पिंजरा लगा दिया गया था। नगर के सटे गांव कस्बा कोटरा में गुलदार की लगातार दस्तक से ग्रामीण पूरी तरह से सहमे हुए हैं। वैसे तो वन विभाग के अधिकारी भी मानते हैं की नगीना क्षेत्र के आसपास दो दर्जन गांवों में गुलदार की दस्तक बनी हुई है।
इन गांवों में देखा जा रहा गुलदार
क्षेत्र के ग्राम धर्मूवाला, शाहअलीपुर कोटरा, जीतपुर पलड़ी, मिर्जा अलीपुर भारा, स्यालीपुर, नियामतपुर, मौसमपुर, हरगांव, कालाखेड़ी, बूढ़ावाला,कस्बा कोटरा आदि गांव में गुलदार की दस्तक व हमले की सूचना लगातार आ रही हैं। क्षेत्र के ग्राम मंझेड़ा में सड़क किनारे मृत अवस्था में गुलदार का शव भी मिल चुका है। नगीना क्षेत्र के आसपास लगातार गुलदार के बढ़ते आतंक वन विभाग के लिए चिंता का सबब बने हुए हैं। सीमित संसाधनों से गुलदार के आतंक पर शिकंजा कसना वन विभाग के लिए चुनौती बन गया है।
वन विभाग के पास तीन पिंजरे
सवाल यह उठता है कि तीन पिंजरों के सहारे दो दर्जन से अधिक गांवों में गुलदार के आतंक को आखिर वन विभाग कैसे काबू करेगा। आखिर तीन पिंजरों में इतने गुलदार कैसे पकड़ में आएं, यही बात वन विभाग के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। वन दरोगा रुचित चौधरी ने माना कि आए दिन गुलदार के हमलों की सूचना देहात क्षेत्र से आती रहती है। नगीना में विभाग के पास मात्र तीन पिंजरे हैं, जबकि चौथे पिंजरे की डिमांड भेजी जा चुकी है।