स्योहारा (बिजनौर)। मंगलवार को गांव गंगाधरपुर निवासी दंपती महिपाल सिंह (50), गीता देवी (48) और पुत्र ललित (28) की अर्थी एक साथ उठीं तो हर आंख छलक उठी। चौराहों से लेकर गांव की गलियों तक मातम पसरा रहा। भयावह हादसे में हाथ पर रची मेहंदी का रंग सूखने से पहले ही अपना सुहाग खो देने वाली दंपती की पुत्रवधू पूजा के भविष्य को लेकर भी हर कोई गमगीन दिखा।
गांव गंगाधरपुर सिपाहियोंवाला निवासी महिपाल सिंह चौहान तीन फरवरी को पुत्र ललित की शादी करने के लिए परिवार सहित नोएडा से गांव आए हुए थे। इकलौते पुत्र ललित की शादी करने के बाद रविवार की सुबह महिपाल सिंह, पत्नी गीता देवी, पुत्र ललित कुमार, पुत्रवध् पूजा के साथ श्री खाटू श्याम दर्शन करने जा रहे थे। राजस्थान के दोसा क्षेत्र धनाबड़ रेस्ट एरिया से पहले भांडारेज से पहले उनकी कार एक डिवाइडर से टकरा गई, जिसमें महिपाल सिंह, गीता देवी व ललित की मौके पर ही मौत हो गई।
पुत्र वधु गंभीर रूप से घायल हो गई थी। पोस्टमार्टम होने के बाद सोमवार की देर रात तीनों के शव गांव पहुंचे। मंगलवार को जैसे ही तीन अर्थी एक साथ उठी तो हर किसी की आंखें नम हो गई। गांव के पास ही स्थित रामगंगा घाट पर तीनों का अंतिम संस्कार किया गया।
किसी जनप्रतिनिधि ने नहीं दी सांत्वना
ग्राम गंगाधरपुर में दंपती व पुत्र की सड़क दुर्घटना में हुई मौत से जहां हर कोई गमजदा है। वहीं किसी भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि ने गांव पहुंच कर मृतकों के परिजनों को सांत्वना देना तक जरूरी नहीं समझा। ग्रामीणों के अनुसार परिवार के तीन सदस्यों की मौत के बाद पूरा परिवार ही उजड़ गया है। सिर्फ घर में पुत्रवधू ही बची है।
20 दिन पहले हुई थी ललित संग शादी, हादसे ने दिया उम्रभर का गम
स्योहारा। शादी के मंडप में लाल सुर्ख जोड़े और मेहंदी रचे हाथों के साथ उम्रभर ललित का हाथ थामने का वादा करने वाली पूजा की उम्मीदें 20 ही दिन में पूरी तरह दम तोड़ गईं। भयावह सड़क हादसे में बेवक्त हुई पति और सास-ससुर की मौत के गम ने उसे भी भीतर तक तोड़ दिया। सोमवार की देर रात पुत्रवधू पूजा अपने ससुर महिपाल, सास गीता व पति ललित का शव लेकर गांव पहुंची। बदहवास हालत में पूजा बार बार अपने सास, ससुर व पति से लिपट कर रोती रही।
राजस्थान में सड़क दुर्घटना में मरने वाले स्योहारा क्षेत्र के गांव गंगाधरपुर निवासी दंपती महिपाल