नजीबाबाद में पुल की एप्रोच का कटान करती कोटावाली नदी।
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भागूवाला में पहाड़ों और मैदानी क्षेत्र में हो रही बारिश से नदियों में आया उफान तबाही मचा रहा है। कोटावाली नदी के उफान ने कोटावाली नदी रपटे बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने से भारी वाहनों के आवागमन का हरिद्वार-नजीबाबाद का सीधा संपर्क ठप है। वहीं कोटावाली नदी का जलस्तर लगातार तकनीकी रूप से खराब पुल को क्षति पहुंचा रहा है। प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो छोटे वाहनों का सीधा संपर्क भी टूट जाएगा।
क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पर्वतीय और मैदानी इलाकों में हो रही तेज बारिश से मालन, कोटावाली, रवासन, लकड़हान नदियाें ने मिट्टी का कटान करते हुए तटीय क्षेत्रों में बसे लोगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। अधिकांश नदियां अपने मूल स्वरूप में न बहकर एक छोर पर तेजी कटान कर रही हैं।
वहीं भागूवाला क्षेत्र में कोटावाली नदी के उफान ने रपटे को क्षतिग्रस्त कर नजीबाबाद-हरिद्वार से भारी वाहनों का सीधा आवागमन ठप कर दिया। रपटे के समानांतर बने कोटावाली पुल के एक पिलर में करीब एक साल पहले तकनीकी खराबी आई थी। जिससे प्रशासन और सेतु निर्माण इकाई ने पुल की जांच करते हुए पुल क्षेत्र से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी थी। विगत दिनों तेज वर्षा होने से तकनीकी रूप से खराब पुल की दरारें चौड़ी होने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई। सोमवार और मंगलवार को पहाड़ी क्षेत्र में हुई बारिश से कोटावाली नदी का बढ़ा जल स्तर पुल की एप्रोच का कटान कर रहा है। कोटावाली का बढ़ा जल स्तर लगातार कटान करता रहा तो तकनीकी रूप से खराब पुल और क्षतिग्रस्त हो सकता है। प्रशासन और सेतु निर्माण इकाई ने कोटावाली नदी की जलधारा को पुल एप्रोच से दूर नहीं किया तो पुल से छोटे वाहनों का सीधा संपर्क भी ठप हो जाएगा।