जिले में 30 हजार कुपोषित बच्चों पर कोरोना का खतरा
बिजनौर। जिले में तीस हजार से ज्यादा कुपोषण के शिकार बच्चों पर तीसरी लहर में कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा होगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर करीब सवा तीन लाख से ज्यादा बच्चे पंजीकृत हैं, इनमें से 10 प्रतिशत बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। ऐसे में इन बच्चों को कोरोना से बचाना चुनौती से कम नहीं होगा। वहीं चिकित्सक ऐसे में बच्चों के लिए पोषक तत्वों युक्त खाने को ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का सबसे कारगर तरीका बता रहे हैं।
बच्चों से कुपोषण खत्म करने के लिए जिले में 3236 आंगनबाड़ी केंद्र बने हैं। यहां पर बच्चों की लंबाई और वजन के हिसाब से उनके स्वास्थ्य की जांच होती है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर करीब सवा तीन लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से करीब दस प्रतिशत बच्चे कुपोषण और अतिकुपोषण का शिकार हैं। कोरोना की दूसरी लहर धीरे धीरे थम रही है, लेकिन तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक बताई जा रही है। जिन बच्चों का स्वास्थ्य कमजोर होगा जाहिर बात है कि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर होगी। ऐसे में कोरोना संक्रमण बच्चों को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती है। शासन-प्रशासन द्वारा बच्चों को कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए सबसे पहले तो आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों को फिलहाल बंद रखा गया है लेकिन परिजनों को भी बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा।
परियोजना में शामिल कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों पर एजनजर
परियोजना कुल बच्चे अतिकुपोषित कुपोषित बच्चे
स्योहारा 21430 192 1253
नहटौर 22415 397 1458
किरतपुर 25291 261 3105
जलीलपुर 28879 658 1515
हल्दौर 9947 129 232
खारी झालू 13266 173 906
नूरपुर 30139 609 4333
नजीबाबाद 38714 775 5063
देवमल 26198 312 2294
धामपुर 29481 364 2196
कोतवाली 44317 562 675
अफजलगढ़ 24556 221 623
शहर बिजनौर 8090 140 952
कुल 322729 4793 25605
नोट:बच्चों की आयु पांच तक की है।
ऐसे रखें स्वास्थ्य का ध्यान
बच्चों को पोषकतत्व युक्त भोजन व मौसमी फल दें। छोटे बच्चों को मां का दूध पिलाएं। इनके अलावा माइक्रोनूट्रीएंट भी बच्चों को दे सकते हैं। विटामिन सी से भरपूर आंवला, अमरूद, संतरा और नींबू से इम्यूनिटी तुरंत बढ़ती है। बच्चों को पत्तेदार सब्जी पत्तागोभी, पालक, ब्रोकली, कद्दू आदि की सब्जी खिलानी चाहिए। रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने पर संक्रमण का असर ज्यादा नहीं होता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के दे रहे टिप्स
जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के अनुसार बच्चों को शासन द्वारा निर्धारित अनाज व अन्य सामान दिया जा रहा है। उनके परिजनों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के टिप्स दिए जा रहे हैं। माता पिता भी बच्चों को बेवजह घर से बाहर न जाने दें और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें।