अमानगढ़ में जंगल सफारी के लिए जाते सैलानी। स्रोत वन विभाग
रेहड़। बरसात शुरू होते ही रविवार को अमानगढ़ वन क्षेत्र में तृतीय पर्यटन सत्र का समापन हो गया। सत्र के अंतिम दिन 56 तथा पूरे सत्र में कुल 3104 पर्यटकों ने जंगल सफारी का लुत्फ उठाया। इस बार पिछले साल के मुकाबले लगभग आधे ही पर्यटक अमानगढ़ पहुंचे।
तीन वर्ष पूर्व अमानगढ़ रेंज में पर्यटन का शुभारंभ किया गया था। विभाग द्वारा जहां वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए अनेक व्यवस्था की गईं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक पर्यटन के प्रारंभिक वर्ष 2022-23 में 3068 पर्यटक आए। इससे विभाग को चार लाख 79 लाख 300 रुपये की आय हुई। 2023-24 में 6500 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया। वन विभाग को सात लाख सात हजार 200 रुपये की आय हुई। 2025 में केवल 3104 पर्यटकों ने जंगल की सैर का लुत्फ उठाया। वन विभाग के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पीलीडैम में वाटर स्पोर्ट्स सहित अनेक प्रयास किए गए। यहां पर्यटकों को बाघ, हाथी, हिरन, भालू व चीतल आदि वन्यजीव तालाबों पर प्यास बुझाने तथा सड़को पर दौड़ते नजर आए।
अमानगढ़ रेंजर अंकिता किशोर का कहना है कि विभाग की अगले सत्र में कोशिश रहेगी कि पर्यटकों को पूर्व से अतिरिक्त सुविधा भी प्राप्त हो सके।