बिजनौर। जिले में यूपी बोर्ड के स्कूलों के हजारों विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा फीस नहीं जमा हुई है। छात्र नौवीं तथा 11वीं की रजिस्ट्रेशन फीस भी नहीं दे रहे हैं। फीस जमा नहीं होने पर छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के अनुसार कॉलेजों को पत्र भेजकर तय समय में बोर्ड की शत प्रतिशत फीस जमा कराने को कहा गया है। 10वीं तथा 12वीं के छात्रों की फीस जमा होने की आखिरी तारीख 31 अगस्त है। जिले में 387 कॉलेज हैं। इनमें दसवीं में 50732 तथा इंटर में 39444 छात्र कक्षा नौ व ग्यारह पास करके आए हैं । कुल 90176 छात्र हैं। फेल छात्रों के दाखिला लेने पर यह संख्या बढ़कर सवा लाख तक पहुंचने का अनुमान है।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक करीब 60 प्रतिशत छात्रों की बोर्ड की फीस आई है। किसान इंटर कॉलेज मंडावली की प्रधानाचार्य सुनीति त्यागी, आरजेपी के प्रधानाचार्य ओपी सिंह, आदि का कहना है कि छात्र दाखिला लेने भी नहीं आ रहे हैं। फीस जमा करने के लिए धार्मिक स्थलों से एनाउंस कराया जा रहा है। अभिभावकों को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजने के साथ फोन किये जा रहे हैं। अभिभावकों का जवाब नहीं मिल रहा है। अधिकतर अभिभावक जवाब देते हैं कि पेट भरे या फीस जमा करें। स्कूल बंद हैं तो फीस क्यों दें।
जिलाविद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार ने विद्यालयों को शासनादेशों का हवाला देते हुए पत्र जारी किया है। इसमें प्रधानाचार्य को 31 अगस्त से पहले 10वीं व 12वीं के छात्रों की शतप्रतिशत बोर्ड फीस जमा कराने को कहा गया है। अभिभावक संघ के जिलाध्यक्ष नृपेंद्र देशवाल का कहना है कि वह छात्रों की फीस माफी की मांग लगातार प्रशासन से कर रहे हैं।