बताया गया कि रिजवान अहमद पिछले छह माह से अपने स्योहारा उस्माननगर स्थित पैतृक मकान में निर्माण कार्य करा रहे थे। दीपावली की छुट्टी में 11 नवंबर को परिवार सहित रामपुर से अपना सामान लेने के लिए गए हुए थे, जबकि दूसरे भाई फरमान अहमद गाजियाबाद गए हुए थे। इसी बीच 15 नवंबर को रिजवान और फरमान अहमद के बड़े भाई सुलेमान अहमद ने दोनों भाइयों के मकानों के दरवाजे खुले देखे तो अंदर जाकर देखा। इस दौरान उसे दोनों मकानों में सारा सामान बिखरा हुआ मिला और अलमीरा के ताले टूटे हुए थे।
बेटे ने बताया कि वे 11 नवंबर को अपने पिता के सरकारी आवास रामपुर से सामान लेने के लिए गए हुए थे। उनको 15 नवंबर को उनके ताऊ से चोरी होने की सूचना मिली। उसने बताया कि शादी के लिए खरीदे गए सभी जेवरात और नगदी चोर ले गए है। बताया कि चोर चाचा फरमान अहमद के घर से तीन सोने की अंगूठियां चुरा ले गए। घटना की जानकारी होने पर सीओ भरत सिंह ने मौके का मुआयना किया।