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परीक्षकों की मूल्यांकन केंद्रों के प्रवेशद्वार पर होगी थर्मल स्क्रिनिंग

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बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय ने यूपी बोर्ड के मूल्यांकन केंद्रों की व्यवस्था की समीक्षा की है। इसमें तय किया गया कि मूल्यांकन केंद्रों के प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था रहेगी। परीक्षकों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी है। हॉटस्पॉट क्षेत्र के परीक्षक घरों से बाहर नहीं निकलेंगे। उनके लिए परीक्षक नियुक्त पत्र या पहचानपत्र दिखाने की सुविधा लागू नहीं है।
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जिला मुख्यालय के जीआईसी, जीजीआईसी, आरजेपी तथा बीआईसी मूल्यांकन केंद्रों पर पांच मई से हाईस्कूल तथा इंटर की कापी जांचने का काम शुरू होगा। बीस दिन में करीब पौने पांच लाख कापी जचेंगी। शासन ने कोरोना आपदा के कारण मूल्यांकन केंद्रों के लिए एडवाइजरी जारी की है। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि जिला रेड जोन मे है। डीएम ने मूल्यांकन केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर प्वाइंट टू प्वाइंट समीक्षा की है। परीक्षकों को बोर्ड से जारी परीक्षक नियुक्ति पत्र तथा पूर्व में जारी परिचय पत्र ही रेड जोन के पास माने जाएंगे। हर परीक्षक की केंद्र के गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग होगी। हर हाल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होना है। एक केंद्र पर 200 से अधिक परीक्षक कापी नहीं जांचेंगे। कापी विषयवार जंचेंगी। मूल्यांकन केंद्रों को दिनवार कापी जंचने का विषयवार चार्ट चार मई तक भेज दिया जाएगा। मूल्यांकन केंद्रों का सेनीटाइजेशन चार मई से शुरू होगा।
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वाहन नहीं चलने से होगी परीक्षकों को परेशानी
यूपी बोर्ड के मूल्यांकन में दूरस्थ क्षेत्र के परीक्षकों को मूल्यांकन केंद्रों तक आने की कोई व्यवस्था नहीं है। राज्य परिवहन निगम ने विभिन्न रूटों पर बस चलाने से इंकार कर दिया है। मुरादाबाद, कोटद्वार, हरिद्वार सीमाओं पर स्थित विद्यालयों के शिक्षक मूल्यांकन केंद्रों पर कापी जांचने आते हैं। अनेक शिक्षकों के पास निजी वाहन नहीं होने से वे रोडवेज तथा प्राइवेट बसों से आते हैं। लाकडाउन में सभी तरह के वाहनों का संचालन बंद हैं। इस स्थिति में परीक्षकों का केंद्रों तक आना संभव नहीं लगता है। उधर अमरोहा, मुरादाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, तथा कोटद्वार के मूल निवासी अनेक शिक्षक घर चले गए हैं। परीक्षकों के नहीं आने का असर मूल्यांकन पर पड़ेगा। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि गैरजिलों में गए शिक्षकों को संबंधित जिलों के डीएम से पास बनवाना होगा। रोडवेज बसों के संचालन को लेकर परिवहन अधिकारियों ने बताया है कि लॉकडाउन में बिना शासन की अनुमति से संचालन संभव नही है। मामले से डीएम को अवगत करा दिया गया है।
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मूल्यांकन प्रक्रिया स्थगित करने की मांग
वित्तविहीन शिक्षकों को 50 लाख का बीमा कराए सरकार : प्रेम कुमार
फोटो तीन
धामपुर। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रेम कुमार ने देश में फैली कोरोना महामारी के मद्देनजर पांच मई से बिजनौर मुख्यालय पर होने वाले यूपी बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन प्रक्रिया को स्थगित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार मूल्यांकन के पक्ष में है तो स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों और सफाई कर्मचारियों की तरह से 50 लाख की बीमा क्लेम दिलाए और पिछले तीन माह से गहराए वेतन संकट को दूर कर पूर्णकालिक शिक्षकों की तरह से दिलाने की व्यवस्था करें।
रविवार को वार्ता में प्रेम कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार से बिजनौर जिले में अधिक कोरोनो केसों के पॉजिटिव मिलने पर रेड जोन घोषित करने के बाद पांच मई से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराने का प्रयास कर रही है। लॉकडाउन लागू होने से शिक्षक गैर परिवहन के मूल्यांकन डयूटी में कैैसे प्रतिभाग कर सकते है। इस दौरान महासभा के मंडलीय प्रवक्ता सुशील कुमार शर्मा, मंडलीय अध्यक्ष राजेश कश्यप , जिलाध्यक्ष दिनेश धनगर, प्रबंधकीय महासभा के जिलाध्यक्ष गणेश ठाकुर व सुधीर कुमार आर्य रहे।
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मूल्यांकन के लिए परिवहन की सुविधा मिले
कालागढ़। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की कापियों के मूल्यांकन को दोबारा शुरू करने के लिए शिक्षकों ने जिला प्रशासन से रोडवेज की बसों के संचालन की मांग की है। परीक्षक कुलदीप कुमार, सीमा चौहान, राकेश कुमार का कहना है कि लॉकडाउन के चलते रोडवेज की बसों का संचालन बंद है। वहीं कालागढ़ में व वादीगढ़ में जिले की सीमाए सील हैं। कुछ परीक्षक कालागढ़ व जसपुर क्षेत्र से भी बिजनौर मूल्यांकन करने जाते हैं। बसों के न चलने से मूल्यांकन केंद्रों तक पहुंचना कठिन है। कालागढ़ व जसपुर से राज्य की सीमा से आने जाने पर रोक है। ऐसे में कालागढ़ से बिजनौर व जसपुर से बिजनौर के लिए बसों का संचालन किया जाए।
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