ईद पर नहीं होगी सामूहिक नमाज या कुर्बानी
बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा कि ईद उल अजहा का त्योहार कोविड 19 को देखते हुए लॉकडाउन और धारा 144 के नियमों का पालन करते हुए मनाया जाएगा। ईदगाह, मस्जिद आदि में सामूहिक नमाज नहीं होगी। सामूहिक रूप से या खुले में जानवरों की कुर्बानी भी नहीं होगी और किसी को नई परंपरा नहीं शुरू करने दी जाएगी। अवशेष खुले में नहीं डाले जाएंगे। त्योहार के दिन शनिवार व रविवार को जिले में संपूर्ण लॉकडाउन होगा और धारा-144 भी लागू रहेगी। इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा। त्योहार के संबंध में जो भी तैयारी करनी है वह शुक्रवार की रात्रि दस बजे से पहले कर लें।
विकास भवन में हुई बैठक में डीएम ने कहा कि ईद उल अजहा को शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इसका प्रशासन सख्ती से पालन कराएगा। महामारी से सुरक्षित रखने के लिए ही त्योहारों पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं। कांवड़ यात्रा सहित अन्य त्योहारों पर कोरोना संक्रमण से जनमानस को सुरक्षित रखने के लिए ही इस प्रकार की व्यवस्थाएं की गई हैं। ईद उल अजहा के अवसर पर जो प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनका मक़सद भी इससे अलग नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने घर, घेर या चहारदीवारी के अंदर प्रतिबंधित जानवरों को छोड़ कर पूर्व की भांति परंपरागत जानवरों की कुर्बानी कर सकता है तथा कुर्बानी के गोश्त को पूरी तरह कपड़े आदि से ढक और लपेट कर ले जा सकता है।
शनिवार व रविवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार लॉकडाउन के दृष्टिगत सुविधानुसार अन्य दिनों में भी लगाए जा सकते हैं। डीएम ने अफसरों को ईद पर बिजली व सफाई व्यवस्था सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए। एसपी संजीव त्यागी ने कहा कि कुर्बानी के स्थान पर पांच से अधिक लोग एक साथ जमा न होने पाएं और न ही ईदगाह, मस्जिदों, सार्वजनिक स्थलों सहित किसी भी स्थान पर सामूहिक रूप से नमाज अदा करने का प्रयास करें। इस दौरान सीडीओ केपी सिंह, एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़, एसपी सिटी लक्ष्मीनिवास मिश्र व देहात संजय कुमार आदि मौजूद रहे।
वहीं, हीमपुर दीपा थाना प्रांगण में सोमवार को आयोजित पीस कमेटी की बैठक में थाना प्रभारी विनोद कुमार त्यागी ने लोगों से ईद के पर्व को लॉक डाउन के नियमों का पालन करते हुए आपसी भाईचारे के साथ मनाने की अपील की। इस दौरान रिफाकत हुसैन, राकेश प्रधान, सब्बन प्रधान, वकील अहमद , सादिक शाह, मोहम्मद अली आदि मौजूद रहे। संचालन डॉक्टर समीम अहमद ने किया।