2017 के निकाय चुनाव में भी ताहिरा बेगम के मुकाबले चुनाव लड़ी भाजपा प्रत्याशी मोनिका दीक्षित दूसरे जबकि सपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने वाली शादाब जहां तीसरे स्थान पर रही थी। इस बार का परिणाम भी कमोबेश 2017 के चुनाव जैसा ही दिखाई दिया।
विपक्षी नेताओं को उम्मीद थी की पूर्व चेयरमैन मरहूम शेख खलीलुर्रहमान की गैरमौजूदगी व उनके सभी चुनाव में सारथी की भूमिका निभाने वाले उनके सगे भाई शेख अजीमुरहमान द्वारा इस बार ए आई एम आई एम के टिकट पर खुद चुनाव लड़ने के बाद शायद परिणाम पर कोई असर आ जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी परवेज अहमद व निर्दलीय प्रत्याशी सरफराज अंसारी भी कुछ खास नहीं कर सके।
ताहिरा बेगम इससे पहले निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर सन 2000 व 2017 में तथा उनके पति शेख खलीलुर्रहमान 2006 में सपा के टिकट पर तथा 2012 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नगीना पालिका के चेयरमैन बन चुके हैं। ताहिरा बेगम के चेयरपर्सन चुने जाने के बाद उनके समर्थकों ने उन्हें तथा उनके पुत्र शेख शाहनवाज खलील को फूल मालाओं से लाद दिया।
जिला अधिकारी उमेश मिश्रा व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने भी मतगणना केंद्र का निरीक्षण किया। एसडीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी संग्राम सिंह व थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र वशिष्ठ भारी पुलिस बल के साथ पूरे दिन हिंदू इंटर कॉलेज मतगणना केंद्र पर मौजूद रहे।